USA vs Bosnia : फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 32 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में अमेरिका ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट के अगले चरण में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। इस मैच के नायक फोलेरिन बेलोगन रहे, जिन्होंने टूर्नामेंट में अपना तीसरा गोल दागकर अमेरिका को महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई। हालांकि, मैच के दूसरे हाफ में बेलोगन को लाल कार्ड (रेड कार्ड) दिखाकर बाहर कर दिया गया, जिसके चलते अमेरिका को बाकी का मैच 10 खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा। बावजूद इसके, अमेरिकी टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए बोस्निया को कोई मौका नहीं दिया और जीत दर्ज की।

गोल के बाद रेड कार्ड: बेलोगन का सफर रहा उतार-चढ़ाव भरा
बेलोगन का यह मैच यादों और विवादों दोनों के लिए जाना जाएगा। 31वें मिनट में उनका एक गोल ऑफसाइड के कारण अमान्य घोषित कर दिया गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 45वें मिनट में शानदार गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। एनबीए स्टार लेब्रोन जेम्स के ‘द साइलेंसर’ मूव के साथ जश्न मनाना चर्चा का विषय रहा। हालांकि, 64वें मिनट में स्थिति पूरी तरह बदल गई, जब रेफरी राफेल क्लॉस ने वीडियो रिव्यू के बाद बेलोगन को तारिक मुहरेमोविच पर फाउल करने के लिए सीधा लाल कार्ड दिखा दिया। विश्व कप के नॉकआउट इतिहास में रोनाल्डिन्हो और जिदान के बाद बेलोगन तीसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने नॉकआउट मैच में गोल भी किया और फिर रेड कार्ड के कारण बाहर भी हुए।

कोच और टीम का समर्थन: एक खिलाड़ी की कमी पूरी करने का जज्बा
लाल कार्ड मिलने के बाद अमेरिकी टीम के कोच मौरिसियो पोचेतिनो ने अपने खिलाड़ी का बचाव करते हुए इसे गलत निर्णय करार दिया। उन्होंने कहा कि यह फाउल जानबूझकर नहीं था और यह लाल कार्ड के योग्य बिल्कुल भी नहीं था। वहीं, टीम के डिफेंडर क्रिस रिचर्ड्स ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि टीम 26 खिलाड़ियों की एक इकाई है, न कि किसी एक व्यक्ति पर निर्भर। उन्होंने विश्वास जताया कि बेलोगन की अनुपस्थिति में दूसरा खिलाड़ी उनकी भूमिका निभाएगा। बेलोगन अब सोमवार को बेल्जियम के खिलाफ होने वाले प्री-क्वार्टर फाइनल मैच में नहीं खेल पाएंगे, जो टीम के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ 16 की कठिन परीक्षा
अगले चरण यानी राउंड ऑफ 16 में अमेरिका का सामना बेल्जियम से होगा। बेल्जियम ने अपने पिछले मुकाबले में सेनेगल के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बावजूद अंतिम क्षणों में शानदार वापसी की और 3-2 से जीत हासिल कर अपनी मजबूती का परिचय दिया। बेल्जियम जैसी ताकतवर टीम के खिलाफ बेलोगन का न होना अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अमेरिका को अगर क्वार्टर फाइनल में पहुंचना है, तो उन्हें अपनी रणनीति में बड़े बदलाव करने होंगे।
मलिक टिलमैन के गोल से जीत पर लगी मुहर
बेलोगन के बाहर होने के बाद बोस्निया ने आक्रामक खेलने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी डिफेंस ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। मैच के 82वें मिनट में मलिक टिलमैन ने दूसरा गोल कर अमेरिका की जीत पक्की कर दी। टिलमैन के इस गोल ने बोस्निया की वापसी की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं। बेलोगन के लिए यह टूर्नामेंट व्यक्तिगत रूप से भी ऐतिहासिक रहा है, वे विश्व कप के इतिहास में अमेरिका के लिए सबसे अधिक गोल करने वाले बर्ट पैटेनौड के बाद दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। अब देखना होगा कि बेलोगन की अनुपस्थिति में अमेरिका बेल्जियम के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करता है।
Read More : Bengaluru Accident : बेंगलुरु की पत्थर खदान में बड़ा हादसा, बिहार के 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत












