बेंगलुरु की एक पत्थर खदान में हुए दर्दनाक हादसे ने सात परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में बिहार के 7 मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आखिर हादसा कैसे हुआ, इसकी जांच शुरू हो चुकी है।
बेंगलुरु की एक पत्थर खदान में हुए दर्दनाक हादसे ने सात परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में बिहार के 7 मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आखिर हादसा कैसे हुआ, इसकी जांच शुरू हो चुकी है।

Bengaluru Accident : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहाँ पत्थर खदान में काम करने वाले बिहार के सात मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है। यह भीषण हादसा बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदापट्टन (Madapattana) क्षेत्र में तड़के उस समय हुआ, जब खदान में मजदूर अपनी दैनिक मजदूरी कर रहे थे। एक विशाल चट्टान के अचानक गिरने से ये श्रमिक उसकी चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अनुसार, इस हादसे में कई अन्य मजदूर घायल भी हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।


प्रत्यक्षदर्शियों और खदान में काम करने वाले अन्य श्रमिकों के अनुसार, जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय घटनास्थल पर लगभग 18 कर्मचारी काम कर रहे थे। अचानक, करीब 40 फुट की ऊंचाई से एक विशाल चट्टान टूटकर सीधे श्रमिकों के ऊपर आ गिरी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल, दमकल विभाग और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। अधिकारियों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है और मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया गया था। चट्टान का आकार इतना विशाल था कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे मलबे के नीचे दब गए।

पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मारे गए सभी सात श्रमिक बिहार के मूल निवासी थे। हादसे के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतकों के परिवारों तक यह दुखद समाचार पहुँचाने की है। पुलिस मृतक श्रमिकों के मूल निवास स्थान के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर रही है ताकि उनके परिजनों को समय रहते सूचित किया जा सके। घायलों की सटीक संख्या और उनकी स्थिति की पुष्टि के लिए अस्पताल प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
इस हृदयविदारक हादसे के बाद खदान में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस और जिला प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारी इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या खदान में काम करने के दौरान सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया जा रहा था या फिर यह किसी बड़ी प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। चट्टान गिरने के कारणों का विश्लेषण करने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम भी गठित की जा रही है। यदि जांच में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन या प्रबंधन की कोई चूक पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटनास्थल का वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक प्रतिनिधियों द्वारा दौरा किया गया है। उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल मलबे को हटाने का कार्य जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि और कोई व्यक्ति मलबे में न दबा हो। खदानों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और उनके लिए उचित कार्यस्थल सुनिश्चित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। यह हादसा खनन क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षा के प्रति गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।



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