Chhattisgarh Rain Alert: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए मौसम विभाग ने एक अत्यंत सकारात्मक और राहत भरी खबर साझा की है। राज्य में पिछले कई दिनों से मानसून की सुस्त चाल के कारण धान की रोपनी को लेकर चिंतित किसानों के लिए अब उम्मीद की किरण जागी है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। यह सक्रियता उन सभी जिलों में राहत लेकर आएगी जहां किसान बारिश के अभाव में खेती के कार्यों को शुरू नहीं कर पा रहे थे। मौसम विभाग ने इस संबंध में विस्तृत अलर्ट जारी करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।

मानसून का सफर और वर्तमान स्थिति: 25 जून से पूरे प्रदेश में दस्तक
छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 22 जून को दंतेवाड़ा के रास्ते अपनी आधिकारिक एंट्री दर्ज कराई थी। इसके बाद 23 जून को राजधानी रायपुर और 25 जून तक मानसून ने पूरे छत्तीसगढ़ को कवर कर लिया था। हालांकि, मानसून के आगमन के बाद से ही वह अपेक्षित रूप से सक्रिय नहीं हो पाया था, जिसके कारण प्रदेश में बारिश का जोर कम रहा। लेकिन अब मौसमी प्रणालियों में आए बदलावों के कारण मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट न केवल राजधानी रायपुर बल्कि बस्तर संभाग और अन्य मैदानी जिलों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

किन जिलों में रहेगा बारिश का जोर? (ऑरेंज और येलो अलर्ट)
अगले 24 घंटों के लिए गरियाबंद, धमतरी, नारायणपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कांकेर जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं, रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बस्तर और सुकमा के लिए ‘येलो अलर्ट’ घोषित है। 48 घंटों की अवधि के लिए दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर में ऑरेंज अलर्ट बना रहेगा, जबकि गरियाबंद, धमतरी, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, दुर्ग, बालोद, बस्तर, कोंडागांव, सुकमा और कांकेर में येलो अलर्ट की स्थिति रहेगी। प्रशासन ने इन क्षेत्रों के निवासियों को जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर के प्रति एहतियात बरतने की सलाह दी है।
शहरों का तापमान: उमस भरी गर्मी से मिलेगी निजात
हालिया आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को प्रदेश के विभिन्न शहरों में अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट देखी गई थी, फिर भी नमी के कारण उमस बनी हुई थी। रायपुर का अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट का 32.5 डिग्री, बिलासपुर का 31.3 डिग्री, पेंड्रारोड का 32.6 डिग्री, अंबिकापुर का 33.1 डिग्री, जगदलपुर का 28.2 डिग्री, दुर्ग का 30.6 डिग्री और राजनांदगांव का तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उम्मीद है कि आगामी भारी बारिश के बाद इन क्षेत्रों में तापमान में और कमी आएगी और आम जनजीवन को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। किसान अपनी धान की रोपनी और अन्य कृषि कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा सकेंगे।
Read More : Chhattisgarh Monsoon : कमजोर मानसून के बीच किसानों के साथ खड़ी सरकार, सीएम साय का भरोसा











