Healthy Brain Diet: हमारा शरीर एक जटिल तंत्र है जिसे नियंत्रित करने का केंद्र हमारा मस्तिष्क है। जिस तरह हृदय, लिवर और किडनी का स्वस्थ रहना अनिवार्य है, उसी प्रकार मस्तिष्क की कार्यक्षमता बनाए रखना भी बेहद जरूरी है क्योंकि शरीर के हर अंग तक संदेश भेजने का कार्य यही करता है। हाल ही में एम्स की विशेषज्ञ डॉक्टर प्रियंका शेहरावत ने सोशल मीडिया पर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि केवल पौष्टिक आहार ही नहीं, बल्कि हमारी दैनिक जीवनशैली और कुछ विशेष गतिविधियां भी मस्तिष्क को चुस्त और दुरुस्त रखने में बड़ी भूमिका निभाती हैं। आइए जानते हैं कि एक स्वस्थ और तेज दिमाग के लिए किन चीजों का पालन करना आवश्यक है।

विटामिन बी12: दिमाग और नसों का मुख्य आधार
मस्तिष्क की कार्यप्रणाली के लिए सबसे आवश्यक पोषक तत्व ‘विटामिन बी12’ है। यह न केवल मस्तिष्क को स्वस्थ रखता है, बल्कि हमारी नसों की मजबूती के लिए भी अनिवार्य है। डॉक्टर शेहरावत के अनुसार, शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने पर न केवल याददाश्त कमजोर होती है और एकाग्रता (फोकस) में कमी आती है, बल्कि यह ‘ब्रेन फॉग’ जैसी स्थिति भी पैदा कर सकता है। इसकी कमी से नसों से संबंधित गंभीर समस्याएं जैसे हाथ-पैरों में झुनझुनी होना, शारीरिक संतुलन बिगड़ना और चलने-फिरने में कठिनाई हो सकती है। इसलिए, नर्वस सिस्टम की सेहत के लिए अपने आहार में विटामिन बी12 युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मानसिक क्षमता बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम आहार
मस्तिष्क को सक्रिय रखने के लिए हमें एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए। डॉक्टर शेहरावत ने अखरोट, बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियों को दिमाग के लिए सबसे बेहतरीन ‘सुपरफूड’ बताया है। अखरोट और बादाम में मौजूद अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA), अमीनो एसिड और आवश्यक फैटी एसिड हमारे न्यूरॉन्स के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। रोजाना मुट्ठी भर मेवे और ताजी हरी सब्जियां खाने से दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ती है और मानसिक स्पष्टता बनी रहती है। एंटीऑक्सीडेंट्स मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाकर लंबे समय तक उन्हें युवा और सक्रिय रखते हैं।
नींद और ब्रेन जिम: दिमाग को फिट रखने की कुंजी
मस्तिष्क को पूरी तरह फिट रखने के लिए ‘पर्याप्त नींद’ एक अनिवार्य शर्त है। यदि आप रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद नहीं ले रहे हैं, तो आपकी कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। सोने का एक निश्चित समय निर्धारित करना और रात में स्क्रीन का उपयोग कम करना एक अच्छा नियम है। इसके अलावा, मस्तिष्क को सक्रिय रखने के लिए ‘ब्रेन जिम’ का अभ्यास करना चाहिए। इसमें दोनों हाथों का उपयोग करके बारी-बारी से गतिविधियां करना शामिल है। यह तकनीक मस्तिष्क के दोनों हिस्सों (Left and Right hemisphere) को सक्रिय करती है, जिससे मानसिक सक्रियता और याददाश्त में अद्भुत सुधार होता है।
शारीरिक व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य का गहरा संबंध
मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए शारीरिक रूप से सक्रिय रहना आवश्यक है। डॉक्टर प्रियंका शेहरावत का सुझाव है कि दिन में कम से कम 30 मिनट एरोबिक एक्सरसाइज जरूर करें। इसके साथ ही, गर्दन और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम करें, क्योंकि सही शारीरिक पॉस्चर का सीधा संबंध मस्तिष्क में रक्त के संचार से होता है। नियमित व्यायाम और एक अनुशासित जीवनशैली अपनाकर आप न केवल शारीरिक रूप से फिट रह सकते हैं, बल्कि अपने दिमाग को भी ताउम्र तनावमुक्त, तेज और सक्रिय रख सकते हैं।
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