Ram Mandir Donation Case : अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित चंदे में गबन के चर्चित मामले में कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला अदालत ने मामले में जेल में बंद तीन मुख्य आरोपियों—अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे—को एक दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) पर भेजने का आदेश दिया है। उल्लेखनीय है कि अयोध्या पुलिस ने इन आरोपियों से गहन पूछताछ के लिए सात दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने साक्ष्यों की समीक्षा करते हुए केवल एक दिन की ही अनुमति प्रदान की है। अब पुलिस कल सुबह इन तीनों को जेल से हिरासत में लेगी और गबन की गई धनराशि व मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर पूछताछ करेगी।

अविनाश शुक्ला का चौंकाने वाला इकबालिया बयान: 19 लाख रुपये किए खर्च
इस गबन कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला द्वारा की गई स्वीकारोक्ति ने जांच एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया है। पूछताछ के दौरान अविनाश ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि उसने गबन की गई भारी-भरकम रकम का एक बड़ा हिस्सा अपने निजी शौक और परिजनों पर बेतहाशा खर्च किया। सूत्रों के अनुसार, उसने अपने एक भाई की शादी में लगभग छह लाख रुपये उड़ाए, जबकि दूसरे भाई को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दी। अविनाश की विलासिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने गबन के पैसों से ही लगभग 3.5 लाख रुपये की एक कार खरीदी थी, जिसे पुलिस ने अब जब्त कर लिया है।

दोस्तों और रिश्तेदारों पर बरसाया धन, पुलिस कर रही रिकवरी
अविनाश शुक्ला के वित्तीय लेन-देन की जांच में कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उसने कथित तौर पर अपने एक करीबी दोस्त के बैंक खाते में 2.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए और उसे उपहार के रूप में एक महंगा मोबाइल फोन भी दिया। इसके अलावा, उसने कई अन्य परिचितों को भी छोटी-छोटी रकम बांटी थी। पुलिस ने अब अविनाश के दो भाइयों से गहन पूछताछ की है और मामले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। जांच दल का ध्यान अब उन बैंक खातों पर है जिनमें यह अवैध धनराशि ट्रांसफर की गई थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गबन की गई रकम की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

करोड़ों का जखीरा और संपत्ति की जांच: पुलिस का कड़ा रुख
अविनाश शुक्ला के पास से पुलिस ने बरामदगी में 20.39 लाख रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान जब्त किया है। वहीं, जांच अधिकारियों की नजरें अब 2024 में उसके भाई अभिषेक शुक्ला के नाम पर खरीदी गई भूमि पर भी टिकी हैं। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि क्या इस संपत्ति को खरीदने में भी मंदिर के चंदे के पैसों का इस्तेमाल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की परतें तेजी से खुल रही हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि राम भक्तों की आस्था के साथ हुए इस खिलवाड़ का पूरा सच सामने आ सके।
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