Nakti Case : रायपुर के नकटी गांव में हुई तोड़फोड़ और गरीब परिवारों के विस्थापन की कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति में भारी उबाल ला दिया है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर हमला तेज कर दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू ने घोषणा की कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल 10 जुलाई को राज्यपाल से मुलाकात करेगा और इस पूरी अमानवीय कार्रवाई की शिकायत दर्ज कराएगा। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने न केवल गरीबों को बेघर किया है, बल्कि सरकारी दस्तावेजों और तथ्यों को छिपाकर जनता को गुमराह करने का काम किया है।

85 मकानों की बर्बादी और प्रधानमंत्री आवास योजना पर सवाल
कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नकटी में 85 मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया गया, जिनमें से 25 से अधिक मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने थे। धनेन्द्र साहू ने सवाल उठाया कि यदि जमीन अवैध थी, तो सरकार ने वहां पक्के मकान, बिजली कनेक्शन और आधार कार्ड कैसे जारी किए? उन्होंने कहा कि यह सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। कांग्रेस ने मानसून के दौरान की गई इस कार्रवाई को अमानवीय और नियमों के विरुद्ध बताया है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में बारिश के दौरान जमीन का सीमांकन या विस्थापन की कार्रवाई नहीं की जाती।

पूरे नकटी गांव पर मंडरा रहा विस्थापन का संकट
दस्तावेजों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि यह मामला केवल एक खसरा नंबर तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार करीब 72 एकड़ जमीन खाली कराने की योजना बना रही है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे पूरे नकटी गांव पर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है। पार्टी ने मांग की है कि इस पूरी जमीन का ऑडिट कराया जाए और भू-माफियाओं की सक्रियता की जांच हो। कांग्रेस का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी साधे हुए है, जबकि गरीब परिवारों को बिना पुनर्वास के सड़क पर ला खड़ा करना तानाशाही का परिचय है।

भाजपा पर झूठ बोलने का आरोप, मंत्री ओपी चौधरी घेरे में
कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने सरकार के बयानों को विरोधाभासी बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन आवास योजना से इनकार कर रहे हैं, वहीं विभाग के सचिव का पत्र स्पष्ट रूप से नकटी में विधायकों के लिए आवास बनाने का उल्लेख करता है। कांग्रेस ने दावा किया कि मंत्री ओपी चौधरी ने स्वयं विधानसभा में जमीन चिन्हित होने की बात स्वीकार की थी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा अपनी गलती छिपाने के लिए लगातार झूठ का सहारा ले रही है, जबकि हकीकत सबके सामने है।
गरीबों के पुनर्वास और न्याय की मांग
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विस्थापन के बाद परिवारों को जो जगह दी गई, वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। एक छोटे से कमरे में 20-25 लोगों को रहने के लिए मजबूर किया गया है। पार्टी का कहना है कि नया रायपुर में प्रचुर मात्रा में सरकारी जमीन खाली पड़ी है, फिर भी विधायकों के लिए गरीबों को उजड़ा जा रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि विस्थापन तत्काल रोका जाए, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाया जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि राज्यपाल के पास जाने के बाद भी न्याय नहीं मिला, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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