CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून इस समय पूरी तरह से सक्रिय बना हुआ है, जिससे प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, रायपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की प्रबल संभावना है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है, वहीं कुछ संवेदनशील जिलों में आकाशीय बिजली गिरने का भी जोखिम बना हुआ है। मानसून की यह सक्रियता न केवल गर्मी से राहत दिलाएगी, बल्कि कृषि कार्यों के लिए भी अत्यंत शुभ संकेत मानी जा रही है।

मौसमी सिस्टम का असर
प्रदेश में हो रही इस बारिश के पीछे एक सक्रिय मौसमी सिस्टम जिम्मेदार है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश से लेकर दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, मानसून ट्रफ लाइन और समुद्र तल से ऊंचाई पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से नमी का प्रवाह लगातार बना हुआ है। इन मौसमी कारकों के कारण छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में तेजी आई है और आने वाले दो दिनों तक पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

राजधानी रायपुर का हाल
राजधानी रायपुर के मौसम की बात करें, तो 9 जुलाई को आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना है। शहर में रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो रायपुर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। पिछले 24 घंटों के दौरान रायपुर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। हालांकि, बादलों की आवाजाही के कारण उमस में कमी महसूस की जा रही है और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
मानसून का शानदार प्रदर्शन
राज्य में मानसून की स्थिति काफी संतोषजनक बनी हुई है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, पेंड्रा रोड में सबसे अधिक 26.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि बिलासपुर में 2.0 मिमी, जगदलपुर में 1.3 मिमी और अंबिकापुर में 0.6 मिमी वर्षा हुई। पेंड्रा रोड ने ही प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। इस सीजन की बात करें तो छत्तीसगढ़ में अब तक सामान्य से 17 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है, जो मानसून की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। दुर्ग, माना एयरपोर्ट और रायपुर के कुछ हिस्सों में फिलहाल बारिश नहीं हुई है, लेकिन आने वाले समय में यहाँ भी सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।
किसानों के लिए सुखद संकेत
मानसून की इस सक्रियता से राज्य के किसान काफी उत्साहित हैं। वर्तमान में खरीफ फसलों की बुआई का मुख्य समय चल रहा है, ऐसे में यह बारिश फसलों के लिए ‘अमृत’ के समान है। अच्छी वर्षा से धान सहित अन्य फसलों की बुआई और रोपाई की प्रक्रिया में तेजी आएगी। कृषि विभाग ने भी किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें। बहरहाल, मौसम विभाग ने बिजली गिरने की चेतावनी को देखते हुए आम जनता से भी सतर्क रहने और खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने की अपील की है।
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