Iran News: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा अपने अंतिम पड़ावों में से एक, इराक के पवित्र शहर कर्बला पहुँच चुकी है। शिया इस्लाम में मक्का और मदीना के बाद कर्बला को सबसे पवित्र स्थल माना जाता है, जहाँ 680 ईस्वी में इमाम हुसैन ने शहादत दी थी। भारी जनसमूह और भावुक प्रशंसकों के बीच खामेनेई का ताबूत इमाम हुसैन के पवित्र तीर्थस्थल पहुँचा। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय इराकी अधिकारी और ईरान समर्थित मिलिशिया के समर्थक भी उपस्थित रहे। नजफ से शुरू हुई यह यात्रा कर्बला तक पहुँची, जहाँ शोक मनाने वालों का सैलाब उमड़ पड़ा। यह छह दिवसीय अंतिम संस्कार जुलूस का इराक में अंतिम चरण है, जो अब ईरान के मशहद की ओर बढ़ रहा है।

हफ्तेभर चला शोक का सिलसिला और अंतिम यात्रा की रूपरेखा
दिवंगत नेता के सम्मान में ईरान में पूरे एक सप्ताह तक शोक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सोमवार को तेहरान से शुरू हुई यह अंतिम यात्रा एक भावुक सफर रही। खामेनेई का ताबूत ईरान के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा हुआ है। इस यात्रा की सबसे मार्मिक बात यह है कि उसी ट्रक में उनके उन परिजनों के ताबूत भी रखे गए हैं, जिन्होंने 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों में अपने प्राण न्यौछावर किए थे। ट्रक को इमाम की दरगाह के पारंपरिक सजावटी स्वरूप में ढाला गया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल हसन हसनज़ादेह के अनुसार, तेहरान की सड़कों से मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक की 12 घंटे की यह यात्रा जनता के बीच उनके प्रति अगाध प्रेम और सम्मान का प्रतीक है।

मशहद में सुपुर्द-ए-खाक होंगे खामेनेई, राष्ट्रीय शोक का समापन
अंतिम संस्कार के इस विशाल आयोजन को ईरान सरकार अपनी शक्ति और जन-समर्थन के प्रदर्शन के रूप में देख रही है। तेहरान की प्रमुख सड़कों पर हजारों लोग बैनर और झंडे लिए खड़े नजर आए, जिसके कारण शहर का सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया है और हवाई क्षेत्र में भी कड़ी पाबंदियां लागू की गई हैं। शनिवार को शुरू हुआ यह राष्ट्रीय शोक बृहस्पतिवार को संपन्न होगा। अंतिम चरण में 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके जन्मस्थान मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में पूरे राजकीय और धार्मिक सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

परिवार की उपस्थिति और नए उत्तराधिकारी को लेकर अटकलें
तेहरान के इमाम खोमैनी ग्रैंड मुसल्ला में आयोजित प्रार्थना सभा में खामेनेई के तीन बेटे—मुस्तफा, मेयसाम और मसूद—पूरी श्रद्धा के साथ नमाज अदा करते हुए देखे गए। सरकारी टीवी चैनलों पर प्रसारित इन दृश्यों ने पूरे देश को भावुक कर दिया। हालांकि, इन कार्यक्रमों के बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उनकी गैर-मौजूदगी ने उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है, जिसे लेकर विश्व भर में चर्चाएं जारी हैं। बहरहाल, पूरा देश अपने दिवंगत नेता को अंतिम विदाई देने के लिए मशहद में जुटने की तैयारी कर रहा है।
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