ICC Rankings: भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। जब से श्रेयस अय्यर ने टीम की कमान संभाली है, भारतीय टीम को जीत का स्वाद चखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बैक-टू-बैक हार के कारण न केवल टीम का मनोबल गिरा है, बल्कि इसका सीधा असर आईसीसी टी20 रैंकिंग पर भी पड़ता दिख रहा है। यदि हार का यह सिलसिला इसी प्रकार जारी रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब भारतीय टीम आईसीसी रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान गंवा देगी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का यह प्रदर्शन क्रिकेट प्रेमियों और पूर्व खिलाड़ियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। यदि शीर्ष पर लंबे समय से काबिज भारतीय टीम अपनी नंबर एक की कुर्सी गंवाती है, तो यह श्रेयस अय्यर के नेतृत्व काल पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह होगा।

भारत-इंग्लैंड सीरीज: रेटिंग का अंतर हुआ सिमटकर आधा
आईसीसी टी20 रैंकिंग में भारतीय टीम अभी भी नंबर एक पर बनी हुई है, जबकि इंग्लैंड की टीम दूसरे स्थान पर है। हालांकि, मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। दोनों टीमों के बीच तीन मैच खेले जा चुके हैं, जिनमें से दो मैचों में इंग्लैंड ने बाजी मारी है, जबकि तीसरा मुकाबला रद हो गया था। इस सीरीज के परिणाम का सीधा प्रभाव रेटिंग पॉइंट्स पर पड़ा है। सीरीज शुरू होने से पहले भारत की रेटिंग 272 थी और इंग्लैंड की 262, यानी दोनों के बीच 10 अंकों का स्पष्ट फासला था। लेकिन 9 जुलाई के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत की रेटिंग घटकर 270 पर आ गई है और इंग्लैंड की बढ़कर 265 हो गई है। यानी 10 अंकों का वह फासला अब महज 5 अंकों का रह गया है, जो खतरे की घंटी है।

आगामी मैचों का दबाव: श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर कड़ी परीक्षा
पांच मैचों की टी20 सीरीज में अभी दो मुकाबले और शेष हैं। आयरलैंड के खिलाफ मिली हार के बाद इंग्लैंड के खिलाफ भी जिस तरह का प्रदर्शन टीम इंडिया का रहा है, वह एक बड़े ‘सूपड़ा साफ’ (क्लीन स्वीप) की आशंका पैदा करता है। अगर भारत बचे हुए दोनों मैचों में भी हारता है, तो टीम की रेटिंग में और गिरावट आएगी, जिससे इंग्लैंड को नंबर एक स्थान पर पहुंचने का मौका मिल जाएगा। पिछले चार-पांच वर्षों से टी20 क्रिकेट में भारत का दबदबा रहा है, लेकिन मौजूदा हालात इस प्रभुत्व को खत्म करने की ओर संकेत कर रहे हैं। श्रेयस अय्यर के लिए आने वाले ये दो मैच न केवल उनकी कप्तानी बचाने की जंग होंगे, बल्कि भारतीय टीम की साख बचाने की आखिरी उम्मीद भी होंगे।
नंबर वन कुर्सी बचाने के लिए निर्णायक रणनीति की दरकार
भारतीय टीम प्रबंधन और कप्तान श्रेयस अय्यर को अब अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा। एक ऐसी टीम जो लंबे समय से विश्व क्रिकेट में अव्वल रही है, उसके लिए इस तरह का पतन चिंताजनक है। बचे हुए दो मैचों में टीम को न केवल तकनीकी सुधार की जरूरत है, बल्कि मैदान पर आत्मविश्वास के साथ उतरने की भी आवश्यकता है। यदि श्रेयस अय्यर अपनी कप्तानी में टीम की वापसी नहीं करा पाते हैं, तो आईसीसी रैंकिंग में नंबर वन का ताज छिनना तय माना जा रहा है। क्रिकेट जगत की नजरें अब अगले मुकाबलों पर हैं कि क्या टीम इंडिया अपने पुराने फॉर्म में लौट पाएगी या फिर श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में एक और शर्मनाक रिकॉर्ड बनेगा।
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