Haryana Congress : हरियाणा कांग्रेस के भीतर लंबे समय से सुलग रही अंतर्कलह अब किसी से छिपी नहीं है। चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पार्टी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के बीच हुई तल्ख बयानबाजी ने प्रदेश कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी को सार्वजनिक कर दिया है।

बैठक में पार्टी के नए प्रदेश प्रभारी संजय दत्त, वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह, कुमारी सैलजा और दीपेंद्र सिंह हुड्डा जैसे दिग्गज नेता मौजूद थे। मंच पर प्रभारी संजय दत्त के दोनों ओर बैठे इन दो बड़े नेताओं के बीच हुई बातचीत ने न केवल वहां मौजूद नेताओं को असहज किया, बल्कि राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार भी गर्म कर दिया। इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

‘तू साथ दे दे, फिर देख धमाका’: हुड्डा और सुरजेवाला में वाकयुद्ध
बैठक के दौरान माहौल तब एकाएक बदल गया जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी सीट से उठकर मंच संचालक से माइक लिया। हुड्डा ने हरियाणवी लहजे में रणदीप सुरजेवाला को संबोधित करते हुए कहा, “रणदीप जी ने कहा था कि आपका आशीर्वाद रहा तो सब ठीक होगा। मैं रणदीप जी से कहूंगा कि तू मेरा साथ दे दे, फिर देख धमाका!” हुड्डा के इस बयान के बाद सुरजेवाला ने बिना देरी किए माइक संभाला और करारा जवाब देते हुए कहा, “मुझे 20 साल हो गए हैं आपका साथ देते हुए, अब आपकी बारी है मेरा साथ देने की।”
सुरजेवाला यहीं नहीं रुके, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हरियाणा के 56 वर्षों के राजनीतिक इतिहास में कांग्रेस केवल तीन बार ही अपने दम पर पूर्ण बहुमत प्राप्त कर सकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल वोट प्रतिशत की बातें करना निरर्थक है, असली मायने इस बात के हैं कि पार्टी के कितने विधायक विधानसभा तक पहुंच पाते हैं।
मंच पर सन्नाटा और गुटबाजी की चर्चा
मंच पर मौजूद अन्य दिग्गज नेताओं ने हुड्डा और सुरजेवाला के बीच चल रही इस तीखी बहस पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की, जिससे वहां मौजूद सन्नाटा गुटबाजी की गंभीरता को बयां कर रहा था। हालांकि, कैमरे में कैद हुई यह बातचीत हरियाणा कांग्रेस के लिए किसी बड़े संकट से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों बड़े नेताओं के बीच का यह संवाद केवल एक मजाक नहीं, बल्कि उनके बीच की गहरी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और मतभेदों को दर्शाता है। यह वाकया ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी राज्य में खुद को एकजुट करने की कोशिश कर रही है, लेकिन नेताओं के बीच की यह रस्साकशी कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं पर सवाल खड़े कर रही है।
डैमेज कंट्रोल की कोशिश: हुड्डा ने बताया ‘मजाक’
विवाद के तूल पकड़ने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सफाई देते हुए इसे महज एक मजाक करार दिया। उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह एकजुट हैं और पार्टी में कोई बिखराव नहीं है। वीडियो में जो कुछ भी हुआ, वह एक मजाक था और रणदीप सुरजेवाला मेरे अजीज हैं।” हालांकि, हुड्डा की यह सफाई राजनीतिक विश्लेषकों को पूरी तरह आश्वस्त करने में नाकाम रही है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि नेतृत्व परिवर्तन और टिकट वितरण को लेकर दोनों गुटों के बीच खींचतान काफी पुरानी है। बहरहाल, प्रदेश प्रभारी के सामने हुई इस घटना ने साफ कर दिया है कि हरियाणा कांग्रेस के लिए अपनी गुटबाजी को दरकिनार कर आगामी चुनौतियों का सामना करना एक कठिन परीक्षा बना हुआ है।











