Iran-US War: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब पूर्ण सैन्य संघर्ष का रूप लेता जा रहा है। पिछले दो दिनों में ईरान के पांच अलग-अलग प्रांतों पर हुए अमेरिकी हमलों ने स्थिति को विस्फोटक बना दिया है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह सैन्य कार्रवाई तब और तेज हो गई, जब ईरानी सेना ने कुवैत, कतर और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागीं। इस जवाबी कार्रवाई के बाद से मध्य-पूर्व में युद्ध का खतरा और अधिक गहरा गया है।

रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाना: तेहरान-मशहद सेवा पूरी तरह बंद
अमेरिकी हमलों का एक बड़ा लक्ष्य ईरान के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस करना रहा है। रिवोल्यूशनरी गार्ड के अनुसार, पवित्र शहर मशहद के निकट दो महत्वपूर्ण रेलवे पुलों को क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया गया। यह हमला उस समय हुआ जब लाखों लोग दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मशहद पहुंच रहे थे। इस हमले के कारण तेहरान और मशहद के बीच चलने वाली महत्वपूर्ण यात्री रेल सेवा पूरी तरह से ठप हो गई है। यह ईरान के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जिस पर हर साल लाखों यात्री यात्रा करते हैं। खोरासान रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन फिलहाल यात्रियों को वैकल्पिक सड़क मार्ग से भेजा जा रहा है।

बुशेहर परमाणु संयंत्र के करीब धमाके: ईरान के गंभीर आरोप
तनाव के बीच एक और चिंताजनक खबर बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास से आई है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निकट हवाई हमला किया है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन हमलों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन ईरानी मीडिया ‘आईआरएनए’ ने इस हमले की जानकारी दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये हमले तब हुए जब कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी सेना ने अपनी सैन्य कार्रवाई समाप्त करने की घोषणा की थी। परमाणु संयंत्र के पास हुई इन घटनाओं ने पूरे विश्व के रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है, क्योंकि इससे परमाणु प्रतिष्ठान की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अंतिम संस्कार के बीच बढ़ता आक्रोश और बदले की मांग
मशहद में अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार एक अत्यंत संवेदनशील समय पर हो रहा है। सड़कों पर भारी भीड़ जमा है, जो शोक के साथ-साथ अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बदले की आग में जल रही है। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए जवाबी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ईरान की ओर से हुए मिसाइल हमलों और उसके बाद अमेरिका की जवाबी हवाई कार्रवाई ने इस पूरे क्षेत्र को एक ऐसी अनिश्चित स्थिति में धकेल दिया है, जहां से शांति की राह फिलहाल मुश्किल नजर आ रही है। ईरानी रेलवे ने इस तबाही के लिए अमेरिका और इजरायल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। यह सैन्य संकट अब न केवल ईरान, बल्कि खाड़ी देशों की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है।
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