FIFA World Cup 2030: मैक्सिको फुटबॉल महासंघ ने फुटबॉल जगत में एक बड़ा फेरबदल करते हुए महान खिलाड़ी रफेल मारकेज को विश्व कप 2030 के लिए मैक्सिको की राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया है। बार्सीलोना के पूर्व स्टार खिलाड़ी मारकेज, जो अगस्त 2024 से जेवियर एगिरे के सहायक कोच के रूप में कार्य कर रहे थे, अब मुख्य भूमिका में टीम का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने एगिरे का स्थान लिया है, जिन्होंने मैक्सिको के फुटबॉल इतिहास में बतौर खिलाड़ी और कोच अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

एगिरे का योगदान, जिसमें 1999 का कांफेडरेशन कप और 2003 तथा 2011 का गोल्ड कप खिताब जीतना शामिल है, हमेशा याद रखा जाएगा। मैक्सिको की टीम के लिए अभी कोई तत्काल मैच नहीं है, इसलिए मारकेज का बतौर मुख्य कोच आधिकारिक पदार्पण सितंबर-अक्टूबर में होने वाली फीफा की अंतरराष्ट्रीय विंडो के दौरान होगा। मोरक्को, पुर्तगाल और स्पेन की संयुक्त मेजबानी में होने वाले 2030 विश्व कप के लिए मारकेज की नियुक्ति को एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

विश्व कप 2026 में मैक्सिको का सफर: जीत और संघर्ष की कहानी
सह-मेजबान के रूप में फीफा विश्व कप 2026 में उतरी मैक्सिको की टीम ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों का दिल जीता। टीम ने शानदार लय दिखाते हुए नॉकआउट दौर में प्रवेश करने वाली पहली टीम बनने का गौरव हासिल किया। हालांकि, राउंड ऑफ 16 के बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण मुकाबले में मैक्सिको को इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम का सामना करना पड़ा। इस कड़े मुकाबले में मैक्सिको 2-3 से हार गई, जिसके परिणामस्वरूप विश्व चैंपियन बनने का उनका बहुप्रतीक्षित सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। इस हार के साथ ही मेजबान टीम का विश्व कप से सफर समाप्त हो गया, लेकिन प्रशंसकों ने उनकी खेल भावना और टीम वर्क की जमकर सराहना की।
मैक्सिको का सांख्यिकीय प्रदर्शन: नौवें पायदान पर रहा शानदार सफर
विश्व कप 2026 में मैक्सिको का ओवरऑल प्रदर्शन सांख्यिकीय रूप से काफी प्रभावशाली रहा। ग्रुप ए में टीम का वर्चस्व साफ तौर पर देखा गया, जहाँ उन्होंने अपने शुरुआती तीनों मैचों में जीत दर्ज की। सबसे खास बात यह रही कि पूरे ग्रुप चरण के दौरान मैक्सिको ने कुल 6 गोल किए और उनके खिलाफ एक भी गोल नहीं हुआ। 9 अंकों के साथ ग्रुप में शीर्ष पर रहने के बाद, टीम ने राउंड ऑफ 32 में इक्वाडोर को 2-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। यह जीत ऐतिहासिक थी, क्योंकि 1986 के बाद पहली बार मैक्सिको नॉकआउट दौर में कोई मैच जीतने में सफल रहा था।
अंततः, टूर्नामेंट का समापन मैक्सिको ने +7 गोल अंतर के साथ नौवें पायदान पर रहकर किया। रफेल मारकेज के मार्गदर्शन में अब मैक्सिको की नजरें 2030 के वैश्विक महाकुंभ में इस प्रदर्शन से और आगे जाने की है। मारकेज का अनुभव और कोच के रूप में उनकी दृष्टि टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
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