Mahadev Betting App Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने देश को हिलाकर रख देने वाले ‘महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप’ घोटाले में अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। एजेंसी ने मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर की विशेष अदालत में छठी पूरक चार्जशीट (Supplementary Charge Sheet) पेश की है। इस चार्जशीट में छह नए लोगों को बतौर आरोपी नामजद किया गया है, जिनमें आशीम दास और रोहित गुलाटी मुख्य रूप से शामिल हैं। CBI ने इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश रचने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे संगीन धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। इस छठी चार्जशीट के दाखिल होने के साथ ही, इस पूरे घोटाले में अब तक नामजद कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है।

सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ जुटाए गए ठोस साक्ष्य
चार्जशीट के साथ CBI ने ऐप के मास्टरमाइंड कहे जाने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की संलिप्तता को लेकर नए पूरक साक्ष्य भी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए हैं। जांच एजेंसी का स्पष्ट कहना है कि विस्तृत तफ्तीश के दौरान इन दोनों मुख्य आरोपियों की भूमिका को साबित करने वाले कई महत्वपूर्ण डिजिटल और दस्तावेजी सबूत हाथ लगे हैं। वर्तमान में दोनों आरोपी कानून की पहुंच से बाहर हैं और उनके खिलाफ इंटरपोल द्वारा ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ भी जारी किया जा चुका है। CBI ने स्पष्ट किया है कि भले ही वे देश से बाहर हों, लेकिन उनके नेटवर्क और संपत्तियों की जांच लगातार जारी है।

फर्जी बैंक खातों के जरिए अवैध धन का काला खेल
CBI की जांच से एक बड़ा खुलासा यह हुआ है कि इस गिरोह ने बड़े पैमाने पर फर्जी बैंक खातों का जाल बिछा रखा था। इन खातों का उपयोग सट्टेबाजी से प्राप्त अवैध रकम को खपाने और उसे हवाला के माध्यम से विदेश भेजने के लिए किया जाता था। जांच एजेंसी के अनुसार, इस काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा प्रभावशाली लोगों, सफेदपोशों और कुछ भ्रष्ट लोक सेवकों को रिश्वत के रूप में दिया जाता था ताकि वे इस अवैध कारोबार को निर्बाध रूप से चलने दें। यह पैसा न केवल व्यक्तिगत मुनाफे के लिए, बल्कि प्रशासनिक तंत्र को प्रभावित करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा था।
जांच का दायरा अभी और बढ़ने के संकेत
CBI ने स्पष्ट किया है कि यह छठी चार्जशीट जांच का अंत नहीं है, बल्कि एक पड़ाव है। जैसे-जैसे मामले की कड़ियां जुड़ती जा रही हैं, एजेंसी नई जानकारियां जुटा रही है। CBI की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि साक्ष्यों के आधार पर भविष्य में जरूरत पड़ने पर और भी पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएंगी। इस पूरे प्रकरण ने ऑनलाइन सट्टेबाजी की दुनिया में छिपे उस संगठित अपराध को उजागर किया है, जिसने देश के युवाओं और अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचाया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मास्टरमाइंडों की गिरफ्तारी के बाद इस घोटाले के कितने और बड़े राज खुलते हैं।
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