Ambikapur News : सरगुजा पुलिस ने महज कुछ घंटों के भीतर पांच लाख रुपये की चोरी की गुत्थी सुलझाते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस नौकर ने खुद को लूट का पीड़ित बताते हुए हाथ-पैर बांधकर चोरी होने की कहानी सुनाई थी, वही इस वारदात का मुख्य साजिशकर्ता निकला। पुलिस ने नौकर, ड्राइवर, उनके एक साथी और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर चोरी की पूरी रकम 5 लाख रुपये नगद तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।

डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देशन में थाना गांधीनगर और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया।

पुलिस के अनुसार, जवाहर मार्केट कॉलोनी निवासी सुभाष अग्रवाल 11 जुलाई को परिवार और दोस्तों के साथ कोरबा के सतरंगा घूमने गए थे। घर की देखरेख के लिए नौकर ईश्वर यादव को छोड़ा गया था। देर रात ईश्वर ने पड़ोसियों को बताया कि कुछ अज्ञात लोग घर में घुसकर उसके हाथ-पैर बांध गए और घर से नकदी व गहने चोरी कर ले गए।
12 जुलाई को प्रार्थी की शिकायत पर थाना गांधीनगर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और नौकर ईश्वर यादव व ड्राइवर संदीप कुमार साहू से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में दोनों के बयान संदिग्ध पाए गए। जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और हिकमतअमली से पूछताछ की तो दोनों टूट गए और पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने साथी अनुराग दास और एक विधि से संघर्षरत बालक के साथ मिलकर पहले से चोरी की योजना बनाई थी। परिवार के बाहर जाने का इंतजार किया गया और मौका मिलते ही घर से तिजोरी में रखे 5 लाख रुपये चोरी कर लिए गए। वारदात को असली चोरी दिखाने के लिए ईश्वर यादव ने खुद के हाथ-पैर बांधकर अज्ञात बदमाशों द्वारा चोरी किए जाने की झूठी कहानी रची। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने डाइट परिसर के पीछे बाउंड्री वॉल के पास छिपाकर रखे झोले से 5 लाख रुपये नगद बरामद किए। साथ ही घटना में प्रयुक्त होंडा शाइन मोटरसाइकिल (CG 15 EB 0739) भी जब्त कर ली गई।
पुलिस ने मामले में ईश्वर यादव, संदीप कुमार साहू, अनुराग दास और एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की है। बालक को किशोर न्याय बोर्ड तथा तीनों वयस्क आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, उपनिरीक्षक दिलीप दुबे, साइबर सेल प्रभारी एएसआई अजीत मिश्रा सहित थाना गांधीनगर और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।












