Balrampur News : बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड के ग्राम कुंदीकला में महतारी वंदन योजना के केवाईसी के नाम पर महिलाओं से कथित धोखाधड़ी कर उनके आधार और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि 113 महिलाओं के नाम पर बिना उनकी जानकारी के 926 बोरी यूरिया और 54 बोरी डीएपी सहित कुल 980 बोरी खाद का फर्जी आहरण कर लिया गया। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद एसडीएम राजपुर के निर्देश पर राजपुर पुलिस ने दो सगे भाइयों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है। एक आरोपी च्वाइस सेंटर (सीएससी) संचालक है, जबकि दूसरे के नाम पर खाद की डीलरशिप संचालित होती है।

25 जून को ग्रामीणों ने की थी शिकायत
ग्रामीणों ने 25 जून 2026 को कलेक्टर के नाम एसडीएम राजपुर एवं राजपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांव के विनोद कुमार सांडिल्य ने महतारी वंदन योजना के केवाईसी के नाम पर महिलाओं के आधार कार्ड और बायोमेट्रिक लेकर उनकी जानकारी के बिना उनके नाम से खाद का आहरण कर लिया। इससे वास्तविक किसानों को खाद नहीं मिल पा रही थी और खरीफ सीजन की खेती प्रभावित हो रही थी।

जांच में 980 बोरी खाद के फर्जी आहरण की पुष्टि
शिकायत पर नायब तहसीलदार बरियों ने जांच की। जांच में सामने आया कि 113 महिलाओं के नाम पर कुल 980 बोरी खाद निकाली गई, जिसमें 926 बोरी यूरिया और 54 बोरी डीएपी शामिल है। जांच में दीपक कुमार सांडिल्य के सीएससी सेंटर और उसके भाई विनोद कुमार सांडिल्य की संलिप्तता प्रमाणित पाई गई।
केवाईसी के नाम पर लगवाए अंगूठे, फिर उसी से निकाली खाद
जांच प्रतिवेदन के अनुसार दीपक कुमार सांडिल्य ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना के पंजीयन और केवाईसी के नाम पर अंगूठे के निशान लिए। बाद में उन्हीं बायोमेट्रिक का उपयोग कर खाद का आहरण कर लिया गया। महिलाओं को इसकी भनक तक नहीं लगी। जांच में यह भी सामने आया कि विनोद कुमार सांडिल्य ने खाद वितरण के लिए दीपक के सीएससी सेंटर की आईडी का इस्तेमाल किया।
एक भाई सीएससी संचालक, दूसरे के नाम पर खाद की डीलरशिप
दीपक कुमार सांडिल्य गांव में सीएससी (च्वाइस सेंटर) का संचालन करता है, जबकि उसके भाई विनोद कुमार सांडिल्य के नाम पर अनुराग कृषि सेवा केंद्र के नाम से खाद की डीलरशिप संचालित है। जांच में दोनों की मिलीभगत सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की है।
एसडीएम ने एफआईआर के साथ आईडी निरस्त करने की भी की अनुशंसा
नायब तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम राजपुर देवेंद्र प्रधान ने थाना प्रभारी राजपुर को दोनों आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही दीपक के सीएससी सेंटर की आईडी तथा विनोद कुमार सांडिल्य की डीलर आईडी (अनुराग कृषि सेवा केंद्र) निरस्त करने की भी अनुशंसा की गई है। एसडीएम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि दोनों ने शासकीय योजना की आड़ में मिलीभगत कर धोखाधड़ी की है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
एसडीएम के निर्देश पर राजपुर थाना पुलिस ने दीपक कुमार सांडिल्य और विनोद कुमार सांडिल्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 3(5) (साझा आपराधिक कृत्य), 318(4) (धोखाधड़ी) तथा 336(3) (दस्तावेजों की जालसाजी) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिलाओं और किसानों को प्रशासन का भरोसा
प्रशासन ने प्रभावित महिलाओं और किसानों को आश्वस्त किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी तथा पात्र किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।











