Ankit Sharma Murder Case : दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की नृशंस हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन को इस हत्याकांड में दोषी करार दिया है। इस मामले में ताहिर हुसैन के साथ चार अन्य लोगों को भी दोषी ठहराया गया है। जैसे ही कोर्ट ने फैसला सुनाया और ताहिर हुसैन को दोषी माना गया, वह खुद को संभाल नहीं पाया और फूट-फूटकर रोने लगा। यह फैसला दिल्ली दंगों से जुड़े उन मामलों में से एक है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

दोषी और बरी किए गए लोगों की सूची
कोर्ट ने अंकित शर्मा हत्याकांड में कुल पांच लोगों को दोषी माना है। इनमें मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन के अलावा नजीम, कासिम, अनस और जावेद शामिल हैं। अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न गंभीर धाराओं, जैसे 302 (हत्या), 165, 188, 153A (सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने), 147 और 148 (दंगा भड़काने) के तहत इन सभी को दोषी ठहराया है। गौरतलब है कि इस मामले में कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से कोर्ट ने 6 अन्य लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अभी सजा का ऐलान होना बाकी है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

क्या था फरवरी 2020 का वह भयावह घटनाक्रम?
फरवरी 2020 में जब दिल्ली दंगों की आग में जल रही थी, उसी दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा को बेरहमी से निशाना बनाया गया था। 26 फरवरी 2020 को चांदबाग इलाके के एक नाले से अंकित शर्मा का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले की गहन जांच करते हुए आप के तत्कालीन पार्षद ताहिर हुसैन को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चिह्नित किया था। पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट के अनुसार, यह कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि पूर्वोत्तर दिल्ली में बड़े पैमाने पर दंगा भड़काने की एक “गहरी साजिश” थी, जिसके तहत अंकित शर्मा को जानबूझकर टारगेट किया गया था।
अंकित शर्मा के शरीर पर थे बर्बरता के निशान
अंकित शर्मा की हत्या किस क्रूरता के साथ की गई, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में उनके शरीर पर 51 गहरे घाव मिले थे। पुलिस जांच के अनुसार, दंगाइयों ने उन पर लगातार और बर्बर तरीके से घातक हथियारों से हमला किया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उनके शव को नाले में फेंक दिया गया था। दिल्ली पुलिस की विशेष जांच टीम ने जून 2020 में ताहिर हुसैन सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, जिसमें उन पर हत्या, दंगा और आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। अब कोर्ट के इस फैसले ने न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
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