Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच एक नई सैन्य हलचल ने चिंता बढ़ा दी है। रूस ने यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी जापोरिज्जिया क्षेत्र के फ्रंटलाइन शहर ‘ओरिखोवे’ पर एक शक्तिशाली हमले का वीडियो जारी किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के दावों के अनुसार, इस हमले में उसकी सेना ने 3 टन वजनी ‘FAB-3000’ ग्लाइड बम का उपयोग किया है। यह बम एक सैन्य विमान द्वारा लक्ष्य से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी से दागा गया था। इस बम में लगे विशेष ‘ग्लाइड किट’ की मदद से इसने बिना किसी इंजन के लंबी दूरी तक हवा में उड़ान भरी और अपने निशाने को सटीक तरीके से ध्वस्त कर दिया, जिससे वहां भीषण विस्फोट हुआ।

क्या है FAB-3000 ग्लाइड बम की मारक क्षमता?
FAB-3000 रूस का एक अत्यंत विनाशकारी एयर-ड्रॉप बम है, जिसका कुल वजन 3,000 किलोग्राम (3 टन) है। इस बम की सबसे बड़ी खूबी इसमें मौजूद 1.4 टन का उच्च क्षमता वाला विस्फोटक है। इस बम में ‘ग्लाइड किट’ लगाने से रूसी विमानों को यह सामरिक लाभ मिलता है कि वे दुश्मन की वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defence Systems) की पहुंच से दूर रहकर ही लंबी दूरी से घातक हमला कर सकते हैं। रूसी सेना द्वारा जारी फुटेज में बम को लक्ष्य की ओर बढ़ते और उसके बाद हुए महा-विस्फोट को स्पष्ट देखा जा सकता है, जो इलाके में भारी तबाही का संकेत देता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है और यूक्रेन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

फ्रंटलाइन पर ग्लाइड बमों का बढ़ता इस्तेमाल
पिछले कुछ महीनों में रूस ने यूक्रेन के खिलाफ अपनी सैन्य रणनीति में बड़े बदलाव किए हैं, जिसमें भारी क्षमता वाले ग्लाइड बमों का उपयोग प्रमुख है। इन बमों का इस्तेमाल मुख्य रूप से अग्रिम मोर्चे (फ्रंटलाइन) पर मौजूद यूक्रेनी सैन्य ठिकानों, रक्षा संरचनाओं और किलेबंदी को ध्वस्त करने के लिए किया जा रहा है। ये हथियार इतने शक्तिशाली हैं कि इनके प्रहार से जमीन पर मौजूद बंकर और सैन्य अड्डों का बच पाना अत्यंत कठिन हो जाता है, जिससे यूक्रेनी सेना के लिए अपनी स्थिति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
यूक्रेन का जवाबी प्रहार: रूसी तेल रिफायनरी निशाना
जहाँ एक ओर रूस फ्रंटलाइन पर बमबारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यूक्रेन ने रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए रणनीतिक हमले तेज कर दिए हैं। हाल ही में यूक्रेन ने रूस के सामरा क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख तेल रिफायनरी पर ड्रोन हमला किया। रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन अब तक रूस की कुल 33 रिफायनरियों में से 25 से अधिक को सफलतापूर्वक निशाना बना चुका है। इन हमलों का सीधा असर रूसी शहरों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और तेल व गैस निर्यात में आई कमी के रूप में दिखाई दे रहा है। रूस के ऊर्जा संयंत्रों पर हो रहे ये निरंतर हमले युद्ध की दिशा और आर्थिक स्थिरता को गहरे रूप से प्रभावित कर रहे हैं।
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