CG Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा, जहाँ विपक्ष ने केंद्र और सत्ता पक्ष पर तीखे हमले किए। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मीडिया से चर्चा करते हुए इसे राम भक्तों के लिए एक काला दिन और दुर्भाग्यजनक स्थिति बताया। महंत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में हुई चंदा चोरी का मामला अब वैश्विक स्तर पर चर्चित हो चुका है। विपक्ष की स्पष्ट मांग है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों की पहचान हो सके और उन्हें कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दिलाई जाए। कांग्रेस का मानना है कि आस्था के नाम पर हुए इस कृत्य ने करोड़ों राम भक्तों को आहत किया है।

विपक्ष की चर्चा की मांग और सत्ता पक्ष की चुप्पी
नेता प्रतिपक्ष ने सदन में अफसोस जताते हुए कहा कि वे चाहते थे कि सत्ता पक्ष स्वयं इस मामले पर निंदा प्रस्ताव लाता और सदन में चर्चा होती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग राम के नाम पर राजनीति करते हैं, वे ही आज इस विषय पर चर्चा से कतरा रहे हैं। महंत ने कहा, “हमने किसी को बिना जांच के दोषी नहीं ठहराया है, हम केवल सत्य सामने लाने की मांग कर रहे हैं।” उन्होंने तर्क दिया कि छत्तीसगढ़ और श्रीराम का गहरा नाता है, यहाँ के लोग उन्हें अपना भांजा मानते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और आम ग्रामीणों द्वारा दिए गए चंदे की पवित्रता को देखते हुए विपक्ष दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग पर अड़ा है।

सीबीआई और रिटायर्ड जज से जांच की मांग
कांग्रेस ने वर्तमान में गठित एसआईटी (SIT) की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे केवल एक ‘दिखावा’ करार दिया है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मांग की कि इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या सर्वोच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में कराई जाए। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं और बयान देने से बच रहे हैं, जो उनकी संदिग्ध भूमिका को दर्शाता है। सदन में विपक्ष की आवाज को अनसुना किए जाने के बाद उन्होंने इस मामले को जनता के बीच ले जाने का निर्णय लिया है।
सत्ता पक्ष का पलटवार: ‘विपक्ष का एजेंडा केवल सियासत’
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनहित के मुद्दों से भागने के लिए विधानसभा की कार्यवाही को बाधित कर रहा है। साव के अनुसार, यह पूरा विषय उत्तर प्रदेश से संबंधित है और राज्य विधानसभा के कार्यक्षेत्र से बाहर है। उन्होंने कांग्रेस को ‘बेबुनियाद आरोप लगाने में माहिर’ बताया। वहीं, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार जनहित के गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस ऐसे विषयों को उठाकर केवल राजनीति कर रही है। सत्ता पक्ष का स्पष्ट मानना है कि विपक्ष के पास राज्य की समस्याओं को उठाने के बजाय केवल राजनीतिक प्रोपेगेंडा फैलाने का एजेंडा है।
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