Champat Rai News : अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा गबन के आरोपों ने एक नया मोड़ ले लिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के पूर्व सदस्यों अनिल मिश्रा एवं गोपाल राव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ती जा रही है। फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने अब स्पष्ट कर दिया है कि यदि पुलिस प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं करती है, तो वे न्याय के लिए सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। वकीलों का यह रुख मामले की गंभीरता को दर्शाता है, क्योंकि उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कदम उठाने में आनाकानी कर रहा है।

पुलिस से नाकामी के बाद कोर्ट की शरण
फैजाबाद बार एसोसिएशन के सदस्य आफताब खान ने बताया कि वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में पुलिस को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। सोमवार को जब वकील अपनी मांग को लेकर थाने पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि मामला उच्च अधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है। इसके बाद, वकीलों ने अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से भी भेंट की, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला। इस प्रक्रिया से निराश होकर, वकीलों की 21 सदस्यीय समिति ने अब कानूनी रूप से अदालत के माध्यम से प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्णय लिया है।

वकीलों का कड़ा रुख: आरोपियों की पैरवी पर भारी जुर्माना
इस पूरे मामले को लेकर फैजाबाद बार एसोसिएशन ने बेहद कड़ा स्टैंड लिया है। एसोसिएशन ने अपनी आम सभा की बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले से जुड़े किसी भी आरोपी की ओर से कोई भी वकील पैरवी नहीं करेगा। इतना ही नहीं, यदि एसोसिएशन का कोई सदस्य नियमों का उल्लंघन करते हुए आरोपियों का पक्ष लेता है, तो उस पर पांच लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उसे तत्काल प्रभाव से बार एसोसिएशन से निष्कासित कर दिया जाएगा। यह कदम वकीलों की इस मामले के प्रति प्रतिबद्धता और निष्पक्ष जांच की मांग को और मजबूती देता है।
विरोध मार्च और निष्पक्ष जांच की मांग
बीते दिनों, फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने जिला अदालत परिसर से राम जन्मभूमि थाने तक एक बड़ा विरोध मार्च निकाला था। इस दौरान उन्होंने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा के अनुसार, वकीलों की इस शिकायत में पहली प्राथमिकी दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता और एक अन्य ट्रस्टी कृष्ण मोहन को भी आरोपी के रूप में शामिल किया गया है। वकीलों का साफ कहना है कि राम मंदिर जैसे पवित्र संस्थान से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है, और वे किसी भी हाल में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करवाकर ही दम लेंगे।
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