Iran US Conflict : ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक अमेरिकी एमक्यू-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। इन घटनाओं ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है और पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध की विभीषिका के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। संघर्ष का यह नया दौर दोनों देशों के बीच कटुता को चरम सीमा तक ले गया है, जहाँ से वापसी की संभावनाएँ फिलहाल धूमिल नजर आ रही हैं।

ट्रंप का बड़ा दावा: ईरानी रक्षा प्रणाली और शीर्ष नेतृत्व ध्वस्त
एक प्रमुख अमेरिकी मीडिया चैनल को दिए गए इंटरव्यू में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य शक्ति को लेकर सनसनीखेज दावे किए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त सैन्य अभियानों ने ईरान की रक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की न तो अब कोई प्रभावी नौसेना बची है और न ही वायुसेना। ट्रंप के अनुसार, ईरान की एंटी-एयरक्राफ्ट रक्षा प्रणालियाँ पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं और उनके शीर्ष सैन्य रणनीतिकारों व कमांडरों को अभियानों में मार गिराया गया है। यह बयान ईरान की रणनीतिक क्षमता पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

मोजतबा खामेनेई की स्थिति पर डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की फरवरी के अंत में हुए हवाई हमलों में मौत हो चुकी है। इतना ही नहीं, उन्होंने अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई, जिन्हें भविष्य में सर्वोच्च नेता के रूप में देखा जा रहा था, की स्थिति पर भी बड़ी टिप्पणी की। ट्रंप ने कहा कि मोजतबा सैन्य अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे और वे “90 प्रतिशत खत्म हो चुके हैं।” रिपोर्टों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति को इस दावे से जोड़कर देखा जा रहा है। वे हाल ही में ईरान और इराक में आयोजित किसी भी उच्च-स्तरीय शोक समारोह या सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए हैं, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।
होर्मुज में नाकेबंदी और ड्रोन हमले से बढ़ता सैन्य टकराव
सैन्य टकराव का दायरा अब होर्मुज जलडमरूमध्य तक फैल गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से होर्मुज में ईरान के विरुद्ध ‘नौसैनिक नाकेबंदी’ लागू करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इसके तुरंत बाद, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने यह घोषणा करके तनाव को और बढ़ा दिया कि उन्होंने क्षेत्र में गश्त कर रहे एक अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराया है। यह घटना दोनों देशों के बीच जारी ‘प्रॉक्सी वॉर’ को एक पूर्ण पैमाने के प्रत्यक्ष युद्ध में तब्दील करने का संकेत देती है। वैश्विक समुदाय इस बढ़ते सैन्य तनाव को बेहद चिंता की दृष्टि से देख रहा है, क्योंकि इससे दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति शृंखला बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
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