Uddhav Thackeray : शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हाल ही में देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों को अपना पुरजोर समर्थन दिया है। ठाकरे ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) और प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा चलाए जा रहे इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की है। मुंबई में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में ठाकरे ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने संकीर्ण दलगत हितों को दरकिनार कर इस महत्वपूर्ण छात्र-हितैषी मुद्दे के समर्थन में एक साथ आएं। उन्होंने विशेष रूप से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी इस आंदोलन के समर्थन में आगे आने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, उन्होंने सोनम वांगचुक से अपना आमरण अनशन समाप्त करने का विनम्र अनुरोध किया, यह रेखांकित करते हुए कि राष्ट्र निर्माण में उनका जीवन अमूल्य है।

कॉजपा का संघर्ष: जंतर-मंतर पर 24 दिनों से जारी है प्रदर्शन
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना पिछले 24 दिनों से अनवरत चल रहा है। इस संगठन का मुख्य आक्रोश नीट (NEET) जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में हुई धांधलियों के प्रति है। उनकी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा और मई में हुई नीट परीक्षा के पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान करना शामिल है। नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद से ही छात्रों और अभिभावकों में भारी रोष है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले महीने दोबारा परीक्षा का आयोजन करना पड़ा था। कॉजपा का यह आंदोलन इसी शैक्षणिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजागर करने के लिए चलाया जा रहा है।

सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत और 20 जुलाई का मार्च
कॉजपा का यह प्रदर्शन 20 जून से आरंभ हुआ था, जिसमें 28 जून को सोनम वांगचुक शामिल हुए। वांगचुक तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक हो गई है। चिकित्सकों की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वांगचुक का रक्तचाप काफी गिर चुका है और भूख हड़ताल के कारण उनका वजन लगभग 7.8 किलोग्राम कम हो गया है। इस कठिन परिस्थिति के बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने हार नहीं मानी है। कॉजपा ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, यानी 20 जुलाई को संसद तक एक विशाल ‘मार्च’ निकालने की घोषणा की है। उद्धव ठाकरे ने दोहराया है कि शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है।
आगामी रणनीतियां और ‘राम रक्षा’ आंदोलन में ठाकरे की भागीदारी
उद्धव ठाकरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 20 जुलाई को जब दिल्ली में संसद मार्च होगा, तब शिवसेना (उबाठा) महाराष्ट्र भर में प्रदर्शन कर इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन दर्ज कराएगी। इसके अलावा, उन्होंने जानकारी दी कि उनकी पार्टी के सांसद मानसून सत्र के दौरान संसद के भीतर भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए, ठाकरे ने बताया कि 18 जुलाई को वह नागपुर का दौरा करेंगे। वहां वे अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के खिलाफ शुरू किए गए ‘राम रक्षा’ आंदोलन में भी सम्मिलित होंगे। ठाकरे का यह रुख स्पष्ट करता है कि वे शिक्षा और धार्मिक संस्थानों की शुचिता को लेकर भाजपा के विरुद्ध एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा करने की तैयारी में हैं।
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