Kawardha Medical College : कबीरधाम जिले के निवासियों के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक अत्यंत हर्ष और राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से प्रतीक्षित शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा को अंततः नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से आधिकारिक मान्यता प्राप्त हो गई है। आयोग ने इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए औपचारिक ‘लेटर ऑफ परमिशन’ (LOP) जारी कर दिया है। इस मान्यता के साथ ही अब कवर्धा स्थित इस मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र के दौरान 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। यह उपलब्धि जिले के शैक्षणिक और स्वास्थ्य ढांचे को एक नई दिशा प्रदान करेगी।

सांसद संतोष पांडेय के प्रयासों का मिला फल
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने इस विकास को जिले के लिए ऐतिहासिक करार दिया है। सांसद ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने की प्रक्रिया में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए उन्होंने 16 जून को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा था। अपने पत्र में उन्होंने मेडिकल कॉलेज के लिए उपलब्ध वैकल्पिक भवन, छात्रावास की व्यवस्था और जिला अस्पताल जैसे आवश्यक संसाधनों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए शीघ्र मान्यता देने का पुरजोर आग्रह किया था।

जिले के विद्यार्थियों के लिए खुले शिक्षा के द्वार
सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि उनके आग्रह और केंद्रीय स्तर पर हुए सार्थक संवाद के बाद नेशनल मेडिकल कमीशन ने सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया और कॉलेज को मान्यता दी। इस संस्थान के शुरू होने से कबीरधाम जिले के विद्यार्थियों को अब एमबीबीएस की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूसरे जिलों या राजधानी रायपुर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्हें अपने ही गृह जिले में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कॉलेज के संचालन से जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के रूप में आम जनता को प्राप्त होगा।
सीएम साय और केंद्र का जताया आभार
सांसद संतोष पांडेय ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज की मांग को उन्होंने स्वयं लोकसभा में भी प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने बताया कि पूर्व में मान्यता को लेकर कुछ चुनौतियां आई थीं, लेकिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से इसे संभव बनाया गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और इस कार्य में योगदान देने वाले सभी जन प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मान्यता मिलने से क्षेत्र के लोगों की निराशा दूर हुई है और दूर-दराज के वनवासी क्षेत्रों के मेधावी छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिला है।
भविष्य का स्वास्थ्य केंद्र बनेगा कवर्धा मेडिकल कॉलेज
सांसद ने विश्वास जताया कि यह मेडिकल कॉलेज केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य में पूरे कबीरधाम और आसपास के क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख स्तंभ बनेगा। आने वाले समय में यहाँ मिलने वाली बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय निवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगी। यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र को एक आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, जिससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद है।
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