Chhattisgarh Assembly : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने मुख्य रूप से इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के लगातार शिकार, जल जीवन मिशन में भुगतान की अनियमितताओं और नकटी गांव में विस्थापन के दौरान सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के उल्लंघन का मामला उठाया। नेता प्रतिपक्ष ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और कहा कि विभाग की निष्क्रियता के कारण दुर्लभ वन्यजीवों की जान खतरे में है। इस चर्चा में विधायक शेषराज हरवंश, विक्रम मंडावी और लखेश्वर बघेल ने भी सक्रिय भागीदारी की और वन मंत्री से जवाब मांगा।

तस्करों की सक्रियता और विभागीय मिलीभगत के आरोप
डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि बस्तर क्षेत्र में लाल आतंक के प्रभाव में कमी आने के बाद वन्यजीव तस्करों का गिरोह सक्रिय हो गया है। उन्होंने इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पांच माह पहले तीन बाघों और हाल ही में दो अन्य बाघों के शिकार की घटनाओं का जिक्र किया। महंत ने यह भी दावा किया कि पकड़े गए तस्करों में महाराष्ट्र पुलिस के कुछ जवान भी शामिल थे, लेकिन वन विभाग ने जानबूझकर उनके नामों को सार्वजनिक नहीं किया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस समय शिकार की घटना हुई, उस वक्त ट्रैप कैमरे दो घंटे के लिए क्यों बंद थे? उन्होंने मामले की निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच की मांग करते हुए पूछा कि इस तस्करी के पीछे ‘रिमोट कंट्रोल’ किसका है।

वन मंत्री का बचाव और तथ्यात्मक स्पष्टीकरण
आरोपों का जवाब देते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या में वृद्धि हो रही है और सरकार संरक्षण को लेकर गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकार के मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने सदन में जानकारी दी कि 17 मार्च 2026 को दंतेवाड़ा वनमंडल में बाघ की खाल जब्त की गई थी और उस मामले में 14 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। साथ ही, 29 जून 2026 को कांकेर में हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से आए दो संदिग्धों को दो बाघों की खाल और 13 मूंछों के साथ पकड़ा गया है। उन्होंने पुष्टि की कि आरोपी महाराष्ट्र पुलिस से संबद्ध थे और उन्हें तुरंत जेल भेज दिया गया था।
स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता पर बोझ का आरोप
बाघ शिकार के अलावा, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने के फैसले पर भी सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने इसे एक गलत निर्णय बताते हुए आरोप लगाया कि किसी उद्योगपति को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने जनता पर जबरदस्ती स्मार्ट मीटर थोपे हैं। महंत का दावा है कि जहां कहीं भी ये मीटर लगाए गए हैं, वहां बिजली के बिल में अप्रत्याशित रूप से दो से तीन गुना तक बढ़ोतरी देखी गई है। उन्होंने इसे गरीबों की जेब पर डाका करार दिया और सरकार से इस योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की। सदन में इन मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
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