Datia Bypoll : दतिया विधानसभा उपचुनाव भले ही भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार अभिषेक तिवारी लड़ रहे हों, लेकिन इस चुनावी रण में छाया पूरी तरह से पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की ही बनी हुई है। हालांकि भाजपा ने इस बार नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया है, फिर भी दतिया की राजनीति में उनकी पकड़ और प्रभाव कम होता नहीं दिख रहा है। चुनावी गहमागहमी के बीच नरोत्तम मिश्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे प्रशासनिक अधिकारियों को सीधी चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो न केवल समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बना है, बल्कि इसने दतिया के चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।

प्रशासन को खुली चेतावनी: ‘मैं दोस्ती-दुश्मनी दोनों याद रखता हूं’
इस वायरल वीडियो में नरोत्तम मिश्रा पुलिस प्रशासन, विशेषकर दतिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को सीधे तौर पर ललकारते हुए दिख रहे हैं। मामला उस समय का है जब नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के विरोध में उनके समर्थकों ने सड़क पर उतरकर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) जाम कर दिया था। नरोत्तम मिश्रा का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने न केवल गाड़ियां तोड़ीं, बल्कि उनके कार्यालय पर आंसू गैस के गोले भी बरसाए। मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा, “एसपी साहब, आपको चक्का जाम खुलवाना था, तो खुलवाते, लेकिन कार्यालय में गोले दागने की क्या जरूरत थी? मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूं, मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों बखूबी याद रखता हूं।” उनका यह बयान प्रशासनिक मशीनरी और भाजपा नेतृत्व के प्रति उनके गहरे आक्रोश को दर्शाता है।

तीन तारीख की डेडलाइन और नतीजों का इंतजार
अपने संबोधन में नरोत्तम मिश्रा ने ‘तीन तारीख’ का विशेष जिक्र किया है। गौरतलब है कि 3 तारीख को ही दतिया उपचुनाव के नतीजे घोषित होने हैं। मिश्रा ने इसे एक प्रकार की ‘डेडलाइन’ के रूप में पेश किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए मामले और उन पर हुई पुलिसिया कार्रवाई उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं है। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। समर्थकों का मानना है कि नरोत्तम मिश्रा इस तारीख के माध्यम से उन अधिकारियों को संदेश देना चाह रहे हैं जो उनके प्रभाव के बाहर जाकर कार्रवाई कर रहे हैं।
मंच पर छलके आंसू: गढ़ बचाने की जद्दोजहद
दतिया को नरोत्तम मिश्रा का अभेद्य किला माना जाता रहा है, जहाँ से वे लगातार विधायक और मंत्री बनते रहे हैं। इस बार टिकट कटने के बाद वे काफी भावुक भी नजर आए हैं। भाजपा उम्मीदवार अभिषेक तिवारी के नामांकन के दौरान आयोजित एक जनसभा में नरोत्तम मिश्रा मंच पर ही फफक कर रो पड़े थे। एक ओर वे जनता से तिवारी को वोट देने की अपील कर रहे थे, तो दूसरी ओर उनकी आँखों में अपने राजनीतिक अस्तित्व और गढ़ के प्रति चिंता साफ देखी जा सकती थी। टिकट कटने के बाद जिस तरह से वे आक्रामक तेवर अपनाए हुए हैं, वह दतिया के आगामी विधानसभा उपचुनाव के परिणामों को लेकर सस्पेंस को और बढ़ा रहा है।
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