Meerut Murder Case: मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक स्कूल संचालक अतुल पंवार की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक बेहद शातिराना तरीके से की गई सोची-समझी हत्या निकली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी दामिनी, उसके प्रेमी और स्कूल के ड्राइवर तुषार उर्फ निक्की समेत दो अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि कत्ल के लिए किसी चाकू या बंदूक का नहीं, बल्कि एक जहरीले सांप का इस्तेमाल किया गया था।

बीमा की रकम और प्रेम संबंध बना हत्या का कारण
जांच में पता चला कि इस जघन्य अपराध के पीछे दो मुख्य कारण थे: दामिनी का अपने स्कूल के ड्राइवर तुषार के साथ अवैध प्रेम संबंध और अतुल के नाम पर कराया गया 20 लाख रुपये का बीमा। दामिनी और तुषार आपस में शादी करना चाहते थे और अतुल उनके रास्ते का सबसे बड़ा कांटा था। पुलिस ने जब टेक्निकल सर्विलांस और आरोपियों की कॉल डिटेल खंगाली, तो इस पूरी साजिश का खुलासा हुआ। आरोपियों ने बीमा की राशि हड़पने के लिए अतुल को रास्ते से हटाने का मन बनाया था।

दूध में नशीली गोलियाँ देकर सांप से कटवाया
पुलिस की पूछताछ और साक्ष्यों के अनुसार, घटना की रात दामिनी ने बेहद ठंडे दिमाग से योजना को अंजाम दिया। उसने अतुल को दूध में भारी मात्रा में नींद की गोलियाँ मिलाकर पिला दीं। जब अतुल गहरी नींद में बेसुध हो गया, तो तुषार ने अपने दो अन्य साथियों, सोनू और उदय की मदद से एक जहरीला सांप मंगाया। इन लोगों ने बेसुध पड़े अतुल के कंबल में उस सांप को छोड़ दिया, जिसके डसने से अतुल की मौत हो गई। पुलिस को तुषार के मोबाइल फोन से डिब्बे में बंद उस सांप की तस्वीर भी मिली है, जो हत्या का मुख्य सबूत बनी।
पहले भी हुई थी जानलेवा हमले की कोशिश
मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे ने बताया कि यह आरोपियों का पहला प्रयास नहीं था। हत्या से करीब 20 दिन पहले भी इन लोगों ने अतुल को अर्टिगा कार से टक्कर मारकर जान से मारने की कोशिश की थी, लेकिन तब अतुल ने हेलमेट पहना था, जिसके कारण वह बाल-बाल बच गया था। हैरानी की बात यह है कि उस समय भी दामिनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करने दी थी। एसएसपी के अनुसार, चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बरामद सांप व अन्य डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक लैब (FSL) में जाँच के लिए भेज दिया गया है।
कानून की गिरफ्त में चारों आरोपी
पुलिस की चंद घंटों की तफ्तीश ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की परतों को खोलकर रख दिया। हत्या में शामिल सोनू और उदय को इस खौफनाक काम के बदले 5 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले के हर पहलू की गहराई से जाँच कर रही है ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें। इस घटना ने पारिवारिक रिश्तों में विश्वास को तार-तार कर दिया है और पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।












