Airtel Unlimited 5G : देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनी एयरटेल ने अपने करोड़ों ग्राहकों को एक बड़ा झटका दिया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, एयरटेल ने अब अपने ‘अनलिमिटेड 5G’ डेटा को मोबाइल हॉटस्पॉट के जरिए अन्य डिवाइसों पर शेयर करने की सुविधा को प्रतिबंधित कर दिया है। इस बदलाव की जानकारी सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर ग्राहकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। अब तक ग्राहक अपने फोन में मौजूद अनलिमिटेड 5G डेटा का लाभ हॉटस्पॉट ऑन करके लैपटॉप या अन्य उपकरणों पर आसानी से उठाते थे, लेकिन नई नीति के बाद यह सुविधा सीमित होने की आशंका है।

सोशल मीडिया पर फूटा ग्राहकों का गुस्सा
जैसे ही एयरटेल की ‘नियम और शर्तों’ (Terms and Conditions) से जुड़ा एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर वायरल हुआ, ग्राहकों ने कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कई यूजर्स का कहना है कि वे अपने ऑफिस के महत्वपूर्ण काम के लिए हॉटस्पॉट का इस्तेमाल करते हैं। उनका तर्क है कि यदि अनलिमिटेड डेटा को शेयर करने की अनुमति नहीं होगी, तो उन्हें अपने डेली डेटा कोटे (जो कि आमतौर पर सीमित होता है) पर निर्भर रहना पड़ेगा, जिससे काम में भारी बाधा आएगी। यूजर्स ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कंपनी ने इस सख्त नीति को पूरी तरह लागू किया, तो वे अन्य टेलीकॉम ऑपरेटरों की ओर रुख करने पर मजबूर हो जाएंगे।

हॉटस्पॉट इस्तेमाल करने पर कैसे कटेगा डेटा?
वायरल हो रही शर्तों के मुताबिक, यदि कोई यूजर हॉटस्पॉट के जरिए अनलिमिटेड 5G डेटा शेयर करने की कोशिश करता है, तो वह डेटा ‘अनलिमिटेड 5G’ कोटे से नहीं गिना जाएगा। इसके बजाय, यह यूजर के उस मासिक 4G डेटा पैक से काटा जाएगा, जो उनके रिचार्ज प्लान के साथ मिलता है। यानी, हॉटस्पॉट ऑन करते ही यूजर का अनलिमिटेड 5G का लाभ बेअसर हो जाएगा। हालांकि, एयरटेल की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है, लेकिन यूजर्स के बीच इसे लेकर काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
कंपनी कैसे पहचानती है हॉटस्पॉट का इस्तेमाल?
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर कंपनी को कैसे पता चलता है कि यूजर डेटा सीधे अपने फोन में इस्तेमाल कर रहा है या हॉटस्पॉट के जरिए किसी दूसरे डिवाइस को दे रहा है? तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि टेलीकॉम कंपनियां ‘नेटवर्क लेवल’ पर डेटा ट्रैफिक की निगरानी करती हैं। इसके लिए वे TTL (Time To Live), TCP/IP फिंगरप्रिंटिंग, HTTP यूजर-एजेंट और डीप पैकेट इंस्पेक्शन (DPI) जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करती हैं। इन तकनीकों के जरिए कंपनी यह आसानी से पहचान लेती है कि डेटा किस डिवाइस से आ रहा है और किस तरह के नेटवर्क का व्यवहार किया जा रहा है।
पहले से ही लागू है 300GB की डेटा कैपिंग लिमिट
गौरतलब है कि एयरटेल का तथाकथित ‘अनलिमिटेड’ 5G डेटा वास्तव में पूरी तरह अनलिमिटेड नहीं है। कंपनी ने पहले से ही अपनी फेयर यूसेज पॉलिसी (FUP) के तहत एक महीने में अधिकतम 300GB 5G डेटा की सीमा तय कर रखी है। यदि कोई यूजर एक महीने में 300GB से अधिक डेटा का उपयोग करता है, तो उसके लिए अलग नियम लागू होते हैं। अब हॉटस्पॉट पर रोक की खबर ने इस 5G सर्विस की उपयोगिता पर नए प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या एयरटेल अपने ग्राहकों के भारी विरोध को देखते हुए इस नीति में कोई राहत देती है या इसे पूरी तरह लागू करती है।
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