Low Blood Pressure in Monsoon: मानसून का आगमन चिलचिलाती गर्मी से राहत तो लाता है, लेकिन यह मौसम अपने साथ स्वास्थ्य संबंधी नई चुनौतियां भी लेकर आता है। इन दिनों अक्सर लोगों को चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, या अचानक आंखों के आगे अंधेरा छा जाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे का एक प्रमुख कारण ‘लो ब्लड प्रेशर’ (निम्न रक्तचाप) हो सकता है। विशेष रूप से बुजुर्गों, उच्च रक्तचाप की दवा लेने वाले रोगियों और हृदय या हार्मोन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों में यह स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. दिलीप गुडे का मानना है कि यद्यपि बारिश का मौसम सीधे तौर पर बीपी कम नहीं करता, लेकिन इस दौरान होने वाले शारीरिक और वातावरणीय बदलाव इसकी संभावना को काफी बढ़ा देते हैं।

मानसून में बीपी कम होने के मुख्य कारण
डॉ. गुडे के अनुसार, बारिश में वातावरण का ठंडा होना, हवा में नमी की अधिकता और जीवनशैली में बदलाव का सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। इस मौसम में अक्सर लोगों को प्यास का अहसास कम होता है, जिसके कारण वे पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी पाते। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) सीधे रक्तचाप को प्रभावित करती है। इसके अतिरिक्त, नमी के कारण त्वचा से पसीना तो निकलता है, लेकिन वह वाष्पित नहीं हो पाता, जिससे शरीर के तरल संतुलन पर असर पड़ता है। कई लोग इस मौसम में अनियमित आहार लेते हैं या भूख कम होने के कारण संतुलित भोजन नहीं करते, जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती और लो ब्लड प्रेशर के लक्षण तेजी से उभरने लगते हैं।

शरीर द्वारा दिए गए संकेतों को पहचानें
लो ब्लड प्रेशर की समस्या को सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। यदि आपको बार-बार चक्कर आ रहे हैं, जी मिचला रहा है, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो रही है, या धुंधला दिखाई दे रहा है, तो सचेत हो जाएं। यदि लेटने या बैठने की स्थिति से अचानक उठने पर आपको सिर भारी महसूस होता है या आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है, तो यह स्पष्ट रूप से लो ब्लड प्रेशर का संकेत है। ऐसे में शरीर के इन छोटे-छोटे संकेतों को गंभीरता से लेना आवश्यक है।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अपनाएं ये सावधानियां
मॉनसून में स्वस्थ रहने के लिए समय पर संतुलित आहार का सेवन करना और पर्याप्त पानी पीना सबसे महत्वपूर्ण है, भले ही आपको प्यास न लगे। लंबे समय तक एक ही जगह खड़े रहने से बचें और बैठने के बाद अचानक न उठें। यदि आप पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं और अचानक बीपी कम महसूस कर रहे हैं, तो स्वयं डॉक्टर न बनें। अपनी मर्जी से दवा बंद न करें और न ही खुराक में बदलाव करें, बल्कि तुरंत अपने चिकित्सक से परामर्श लें।
कब हो जाना चाहिए डॉक्टर से संपर्क?
डॉ. दिलीप गुडे चेतावनी देते हैं कि यदि लो ब्लड प्रेशर के साथ बेहोशी, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या भ्रम जैसी स्थितियां उत्पन्न हों, तो बिना किसी देरी के अस्पताल जाना चाहिए। बार-बार निम्न रक्तचाप की समस्या केवल मौसम का प्रभाव नहीं हो सकती; इसके पीछे कोई गंभीर स्वास्थ्य जटिलता भी छिपी हो सकती है। इसलिए समय पर जांच और सही उपचार के माध्यम से ही इस समस्या से स्थायी निजात पाई जा सकती है।
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