BRICS Summit 2026 : नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों और G7 को लेकर बड़ा बयान दिया। BRICS बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था तेजी से बदल रही है। उनके मुताबिक, दुनिया की अर्थव्यवस्था में अब विकास के नए केंद्र उभर रहे हैं और पुराने आर्थिक नेतृत्व का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो रहा है।
दुनिया में आर्थिक शक्ति का संतुलन तेजी से बदल रहा
रूसी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में विश्व स्तर पर बड़े और गहरे बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने इस बदलाव को वैश्विक आर्थिक विकास की दिशा में परिवर्तन से जोड़ते हुए कहा कि 20वीं सदी के दूसरे हिस्से में आर्थिक प्रगति के प्रमुख केंद्र रहे देशों की जगह अब नए विकास इंजन सामने आ रहे हैं। पुतिन ने संकेत दिया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र धीरे-धीरे नए समूहों की ओर बढ़ रहा है।
पुराने आर्थिक नेताओं के पास अब भी मजबूत क्षमताएं
पुतिन ने पश्चिमी देशों की मौजूदा क्षमताओं को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि जिन देशों को पुराने आर्थिक नेता कहा जा रहा है, उनके पास आज भी मजबूत बुनियादी ढांचा, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक क्षमता मौजूद है। इन देशों के पास विकसित वैज्ञानिक संस्थान और लंबे समय से स्थापित तकनीकी विशेषज्ञता भी है। हालांकि, पुतिन के मुताबिक वैश्विक आर्थिक बदलाव की प्रक्रिया को रोकना संभव नहीं है।
BRICS की हिस्सेदारी को लेकर पुतिन का दावा
रूसी राष्ट्रपति ने BRICS और G7 की आर्थिक हिस्सेदारी के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक GDP में BRICS देशों की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक रही है। इसके मुकाबले G7 देशों की हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत रही। उन्होंने इसे वैश्विक आर्थिक शक्ति के बदलते समीकरण का महत्वपूर्ण संकेत बताया और कहा कि आने वाले समय में यह बदलाव और स्पष्ट हो सकता है।
वैश्विक आर्थिक वृद्धि में BRICS की बड़ी भूमिका
पुतिन ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में दुनिया की अर्थव्यवस्था में हुई कुल वृद्धि में BRICS देशों का योगदान आधे से अधिक रहा है। वहीं G7 देशों की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत बताई गई। रूसी राष्ट्रपति ने इन आंकड़ों के आधार पर BRICS की बढ़ती आर्थिक भूमिका को रेखांकित किया और समूह के देशों की विकास क्षमता को महत्वपूर्ण बताया।
आधी से ज्यादा आबादी BRICS देशों में रहती है
पुतिन ने BRICS की आर्थिक ताकत के पीछे बड़ी आबादी और विशाल घरेलू बाजारों को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया की आधी से अधिक आबादी BRICS देशों में रहती है। इसके कारण इन देशों के पास बड़े, गतिशील और तेजी से विकसित हो रहे घरेलू बाजार हैं। पुतिन के अनुसार, यही बाजार भविष्य की आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार कर सकते हैं।
दिल्ली पहुंचते ही पीएम मोदी ने किया पुतिन का स्वागत
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार तड़के नई दिल्ली पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने मुलाकात के दौरान हाथ मिलाया और एक-दूसरे का अभिवादन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई, जिसमें दोनों देशों के संबंधों से जुड़े कई अहम विषयों पर बातचीत हुई।
मोदी ने पुतिन को तिरुवल्लुवर की पुस्तक भेंट की
द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को संत तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भी भेंट किया। इस उपहार को भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक तथा साहित्यिक संबंधों की मजबूती के प्रतीक के तौर पर देखा गया। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात में राजनीतिक और रणनीतिक मुद्दों के साथ सांस्कृतिक संबंधों पर भी सकारात्मक माहौल दिखाई दिया।
राजनीति से ऊर्जा और अंतरिक्ष तक कई मुद्दों पर चर्चा
मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय बैठक में भारत-रूस संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने राजनीतिक सहयोग, आर्थिक साझेदारी, रक्षा क्षेत्र, ऊर्जा, अंतरिक्ष और कौशल आधारित मानव संसाधन की आवाजाही जैसे विषयों पर विचार साझा किए। बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और आपसी सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
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