Stock Market Today: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बहुत बड़ी गिरावट के साथ हुई है। वैश्विक बाजारों से मिले बेहद कमजोर संकेतों और मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसने भारतीय निवेशकों की चिंताओं को काफी बढ़ा दिया है। इस भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के चलते बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला, जिससे निवेशकों को शुरुआती दौर में ही बड़ा झटका लगा है।

सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, लाल निशान पर खुला बाजार
शुरुआती कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 500 अंकों से भी ज्यादा यानी लगभग 0.7 फीसदी की कमजोरी के साथ 77,591 के निचले स्तर पर आ गया। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 144 अंक यानी करीब 0.6 फीसदी टूटकर 24,190.05 के स्तर पर खुला। बाजार के इस अचानक गोता लगाने से निवेशकों की संपत्ति में शुरुआती घंटों में ही भारी कमी दर्ज की गई है, जिससे बाजार का पूरा माहौल नकारात्मक नजर आ रहा है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर दिखा सबसे ज्यादा बिकवाली का दबाव
कारोबार के दौरान बाजार में सबसे अधिक नुकसान बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों को उठाना पड़ा। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में दो फीसदी से ज्यादा की बड़ी और चिंताजनक गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स भी एक फीसदी से अधिक फिसलकर लाल निशान में कारोबार करता दिखा। हालांकि, गिरावट के इस चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच कुछ गिने-चुने सेक्टर्स हरे निशान पर भी टिके रहे, जिसमें निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब एक फीसदी की बढ़त देखी गई, जबकि फार्मा और मेटल में हल्की खरीदारी थी।
एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक समेत इन प्रमुख शेयरों में भारी बिकवाली
निफ्टी के प्रमुख शेयरों की बात करें तो एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो और श्रीराम फाइनेंस शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले शेयर बने। खासतौर पर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में लगभग चार फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जून तिमाही के शानदार नतीजों में लोन ग्रोथ मजबूत रहने और एसेट क्वालिटी स्थिर होने के बावजूद, मार्जिन में आई तेज गिरावट से निवेशक काफी निराश दिखे और उन्होंने बिकवाली का रास्ता चुना।
मिडिल ईस्ट तनाव के कारण कच्चे तेल में लगी आग, नब्बे डॉलर पहुंचा ब्रेंट
शेयर बाजार में आई इस भीषण गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट का गंभीर तनाव है। वीकेंड के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए हमलों के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया है। तेहरान के बयानों से यह साफ है कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम अब लगभग समाप्त हो चुका है, जिससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई रूट पर संकट के काले बादल मंडरा रहे हैं। इसके प्रभाव से ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब तीन फीसदी बढ़कर नब्बे डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख और विशेषज्ञों की निवेशकों के लिए राय
भारतीय बाजार के अलावा एशियाई बाजारों में भी इसका मिलाजुला असर देखने को मिला है। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी चार फीसदी से ज्यादा टूट गए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग दो फीसदी मजबूत रहा। बाजार के जानकारों का मानना है कि वैश्विक कमजोरी के बावजूद भारतीय बाजार का टेक्निकल स्ट्रक्चर मजबूत है और किसी भी गिरावट पर निचले स्तरों से खरीदारी आ सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार निफ्टी को 24100 पर सपोर्ट और 24500 पर रेजिस्टेंस मिलेगा।
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