Raipur Police: रायपुर पुलिस ने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर विशेष निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। खासतौर पर बसों के माध्यम से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने नई रणनीति बनाई है। इसी क्रम में क्राइम एंड साइबर सेल की ओर से बस संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक क्राइम एंड साइबर डीसीपी के निर्देश पर आयोजित हुई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और परिवहन क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बस संचालकों को दिए गए अहम सुरक्षा निर्देश
सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन में आयोजित बैठक में पुलिस अधिकारियों ने बस संचालकों को कई आवश्यक निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग अपराधी और तस्कर भी कर सकते हैं, इसलिए सभी संचालकों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति या सामान की जानकारी तुरंत संबंधित थाना, पुलिस कंट्रोल रूम या एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट को दी जानी चाहिए ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन होगा अनिवार्य
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम एंड साइबर) गौरव मंडल ने बस संचालकों को निर्देश दिया कि उनके यहां कार्यरत सभी चालक, परिचालक, क्लीनर और अन्य कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए। साथ ही कर्मचारियों के आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल नंबर, स्थायी एवं वर्तमान पता, फोटोग्राफ तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का अद्यतन रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना सत्यापन किसी नए कर्मचारी को काम पर नियुक्त न किया जाए।
मादक पदार्थों की तस्करी पर रहेगी कड़ी नजर
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक पदार्थों की तस्करी रोकना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बसों के माध्यम से किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित मादक पदार्थों का परिवहन न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। यदि किसी यात्री, पार्सल या अन्य माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी की आशंका होती है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को देना आवश्यक होगा। ऐसे मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध पार्सल और लावारिस सामान से रहें सावधान
बैठक में बस संचालकों को यह भी निर्देश दिया गया कि बिना नाम, पहचान या वैध पते वाले व्यक्तियों के पार्सल स्वीकार न किए जाएं। प्रत्येक पार्सल का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए और किसी भी संदिग्ध पार्सल की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए। पुलिस ने यह भी सलाह दी कि यदि बस में कोई लावारिस बैग, संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक जैसी सामग्री दिखाई दे तो उसे स्वयं खोलने या छूने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देना सबसे सुरक्षित कदम होगा।
यात्रियों की पहचान और निगरानी पर विशेष जोर
पुलिस ने बस संचालकों से कहा कि यात्रा करने वाले यात्रियों का आवश्यक विवरण दर्ज किया जाए। बिना उचित पहचान या संदिग्ध दस्तावेज वाले व्यक्तियों को यात्रा कराने से बचने की सलाह दी गई है। यदि यात्रा के दौरान कोई व्यक्ति असामान्य व्यवहार करता हुआ दिखाई दे या उसके पास संदिग्ध सामग्री होने की आशंका हो, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही बस स्टैंड और बसों में लगे सीसीटीवी कैमरों को हमेशा सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। बस संचालकों ने पुलिस के निर्देशों का पालन करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग देने का भरोसा जताया।
यात्रियों को भी बरतनी होगी अतिरिक्त सतर्कता
पुलिस ने यात्रियों से भी यात्रा के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। सफर शुरू करने से पहले अपनी सीट के नीचे और आसपास किसी लावारिस सामान की जांच करें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति, बैग या पार्सल दिखाई दे तो तुरंत ड्राइवर, परिचालक या पुलिस को सूचना दें। जरूरत पड़ने पर 100 नंबर पर कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी कि जिस बस में यात्रा कर रहे हैं उसका नंबर नोट रखें और यदि किसी सामान से असामान्य आवाज या संदिग्ध गतिविधि महसूस हो तो बिना देर किए चालक को सूचित करें। पुलिस का मानना है कि बस संचालकों और यात्रियों की सतर्कता से अपराध और तस्करी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
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