Parliament Row: नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच जारी गतिरोध शुक्रवार को भी खत्म नहीं हुआ। विपक्ष के भारी हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पूरी तरह बाधित रही और सदन में कोई महत्वपूर्ण कामकाज नहीं हो सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से चर्चा शुरू करने की अपील को भी विपक्ष ने स्वीकार नहीं किया।

राहुल गांधी ने लगाए माइक बंद करने के आरोप
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि जब वह सदन में अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए तो उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया और उनका माइक बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को संसद में उठाना जरूरी है, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं। इनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन सभी मांगों पर सरकार को कदम उठाना चाहिए, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है।

इस्तीफे के बाद ही चर्चा के लिए तैयार विपक्ष
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इससे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना होगा। उन्होंने कहा कि नीट विवाद ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इसकी जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
लोकसभा में दो बार हुआ हंगामा, कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित
शुक्रवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। भारी शोर-शराबे के बाद सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।इसके बाद जब दोबारा सदन की बैठक शुरू हुई तो विपक्ष ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति सामान्य नहीं होने पर लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को 27 जुलाई तक स्थगित कर दिया।
खरगे बोले- छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में सबसे ज्यादा नुकसान देश के छात्रों को उठाना पड़ रहा है। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों का इस्तेमाल प्रचार के लिए कर रही है और छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेकर शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चर्चा शुरू करने के बजाय सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों की गरिमा को नुकसान पहुंचा रही है। खरगे ने कहा कि यही कारण है कि देश के युवा सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।
रिजिजू ने विपक्ष से चर्चा में शामिल होने की अपील की
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने से पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार सदन में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है।रिजिजू ने राहुल गांधी से अपने सांसदों को समझाने की अपील करते हुए कहा कि यदि विपक्ष चाहे तो तुरंत चर्चा शुरू की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है और सरकार परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल्द सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है।
इंडिया ब्लॉक ने संसद परिसर में किया प्रदर्शन
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत इंडिया ब्लॉक के कई नेताओं ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए।सांसदों ने मकर द्वार के पास प्रदर्शन करते हुए छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि विपक्ष की मांग पूरी तरह स्पष्ट है और वह शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से पीछे हटने वाला नहीं है।
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