Rahul Gandhi News : देश की राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में इस वक्त राजनीतिक माहौल काफी ज्यादा गर्म नजर आ रहा है। नीट (NEET) परीक्षा के भारी विवाद और हाल ही में देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई में गंभीर रूप से घायल हुए छात्रों के संवेदनशील मुद्दे को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखा हमला बोला है।

राहुल गांधी ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जिसमें उनके साथ एक ऐसा छात्र भी मौजूद था जो प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के छर्रों लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस दौरान उन्होंने सरकार के उन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें यह कहा गया था कि हालिया प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा किसी भी तरह की पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर चली गोली
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने घायल छात्र को अपने ठीक बगल में बैठाया और देश की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि आज देश का युवा अपने मौलिक अधिकारों और अपने उज्ज्वल भविष्य को बचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहा है। राहुल गांधी ने सरकार से सीधा सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर देश के युवाओं को पैलेट गन कब और क्यों लगी?
उन्होंने जवाब देते हुए खुद कहा कि यह तब हुआ जब देश के युवा अपने हाथों में देश का तिरंगा झंडा थामे हुए पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। सरकार की तरफ से लगातार यह बयान दिए जा रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं हुआ है, जबकि इस पीड़ित छात्र की आंखों देखी सच्चाई आज पूरे देश और दुनिया के सामने बिल्कुल स्पष्ट रूप से मौजूद है।
छात्र की गंभीर शारीरिक स्थिति और सरकार को कड़ी चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठे घायल छात्र की दयनीय और गंभीर शारीरिक स्थिति पर चिंता जताते हुए राहुल गांधी काफी भावुक और गंभीर नजर आए। उन्होंने बेहद दुख भरे लहजे में कहा कि इन मासूम छात्रों का भारी शारीरिक नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई आसानी से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि हालात इतने ज्यादा भयावह और चिंताजनक हैं कि वे यह दावा तक नहीं कर सकते कि इस घायल छात्र की आंखें अंततः बच पाएंगी या नहीं। सरकार को सीधी और कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे देश के भविष्य यानी इन युवा छात्रों को इस तरह से निशाना बनाना और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
जब ये युवा हाथों में हिंदुस्तान का तिरंगा लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, तब इसे पैलेट गन से मारा गया।
सरकार कहती है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई आपके सामने है।
इनके ऊपर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे इनकी आंख खराब हो गई है, दिखना बंद… pic.twitter.com/SbOh6EXUtT
— Congress (@INCIndia) July 24, 2026
हजारों युवाओं पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने आगे अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि देश भर में हजारों की संख्या में विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर कथित तौर पर पैलेट गन चलाई गईं, उन पर अमानवीय तरीके से लाठीचार्ज किया गया और उन्हें बेरहमी से पीटा गया। जबकि हकीकत यह थी कि वे सभी युवा अपने भविष्य के लिए केवल एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बने हुए थे।
उन्होंने बड़ा सवाल उठाया कि आखिर देश के ये युवा सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए क्यों मजबूर हुए? इसका सीधा कारण यह था कि उनकी मेहनत से दी जाने वाली परीक्षाओं के पेपर एक के बाद एक लगातार लीक हो रहे थे। इन छात्रों ने पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपनी जिंदगी के कई साल बेहद कड़ी मेहनत में बिताए थे, लेकिन परीक्षा के ठीक एक दिन पहले उन्हें अचानक पता चलता है कि उनका प्रश्न-पत्र पहले ही लीक हो चुका है।
पेपर लीक माफिया और पैसे वालों के हाथों बिकता युवाओं का भविष्य
देश की व्यवस्था और शिक्षा तंत्र की पोल खोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज हालात ऐसे बन चुके हैं कि जिन लोगों के पास काले धन के रूप में 60 से 70 लाख रुपये मौजूद हैं, वे आसानी से पैसे देकर सरकारी नौकरी का प्रश्न-पत्र खरीद सकते हैं। इसके विपरीत, जो गरीब और मध्यम वर्ग के ईमानदार छात्र हैं, वे सिर्फ दर-दर की ठोकर खाने और भारी मानसिक परेशानी झेलने के लिए पूरी तरह मजबूर हो चुके हैं। देश के लाखों और करोड़ों युवाओं के साथ लगातार ऐसा ही अन्यायपूर्ण सलूक किया जा रहा है, जिसे अब और अधिक बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
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