Akhilesh Yadav : नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई धांधली और घोटालों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को आखिरकार अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। इस सनसनीखेज और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश यादव ने इस पूरे घटनाक्रम को देश के युवाओं और छात्रों के ऐतिहासिक संघर्ष की एक बहुत बड़ी जीत करार दिया है।

विपक्ष की प्रमुख मांग के आगे झुकी सत्ताधारी सरकार
समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने स्पष्ट रूप से कहा कि विपक्ष की सबसे पहली और प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही थी, जिसके आगे आखिरकार सत्ताधारी दल को झुकना ही पड़ गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो प्रधानमंत्री रात को 8 बजे आकर बड़े-बड़े भाषण दिया करते थे, आज हालात ऐसे हो गए हैं कि उन्हें रात को 12 बजे वीडियो जारी करके सफाई देनी पड़ रही है। यह सरकार की घोर विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।

सरकार समय रहते सुनती तो नहीं आती यह नौबत
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह स्थिति इस हद तक कभी पहुंचती ही नहीं, यदि सरकार ने समय रहते देश के युवाओं और छात्रों से संवाद किया होता तथा उनकी चिंताओं को पूरी गंभीरता से सुना होता। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब सरकार को केवल एक मंत्री का इस्तीफा लेकर इतिश्री नहीं करनी चाहिए, बल्कि देश में पेपर लीक के इस पूरे कुचक्र को हमेशा के लिए समाप्त करने हेतु बेहद ठोस और पारदर्शी कदम उठाने होंगे।
रोजगार और आरक्षण को खत्म करने की गहरी साजिश
अखिलेश यादव ने इस गंभीर मुद्दे को सीधे तौर पर देश के रोजगार और आरक्षण के संवैधानिक अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार पर बड़े और गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केवल नीट ही नहीं, बल्कि अकेले उत्तर प्रदेश राज्य में अब तक 20 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। सरकार ने सोची-समझी रणनीति और जानबूझकर ऐसा किया है, ताकि देश के योग्य युवाओं को सरकारी नौकरियां न देनी पड़े और वे आरक्षण की व्यवस्था से वंचित रह जाएं।
पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और मदद की मांग
सपा अध्यक्ष ने उन तमाम पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम और भविष्य की गहरी निराशा में अपने होनहार बच्चों को हमेशा के लिए खो दिया है। उन्होंने पुरजोर मांग की कि सरकार को इन सभी पीड़ित परिवारों की हर संभव आर्थिक और कानूनी मदद तुरंत सुनिश्चित करनी चाहिए। इन परिवारों का दर्द देश की व्यवस्था पर एक बड़ा कलंक है, जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकता।
दंभपूर्ण नीति छोड़कर युवाओं से सीधा संवाद करे सरकार
अंत में अखिलेश यादव ने सरकार को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को अपनी सभी दंभपूर्ण और अहंकार वाली नीतियां छोड़कर देश के युवाओं के साथ सीधा और सकारात्मक संवाद स्थापित करना चाहिए। लोकतंत्र में कभी भी जनता और जनभावनाओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि ऐसी उपेक्षा किसी भी सत्ता के लिए अंततः बेहद घातक साबित होती है।
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