Iran Missile Attack: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है। कुछ दिनों की शांति के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां दोबारा तेज हो गई हैं। पिछले सप्ताह तक ईरान पर लगातार हमले करने के बाद अमेरिका ने अपने सैन्य ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोक दिया था। इसके बाद ईरान की ओर से भी जवाबी हमलों में कमी देखी गई थी। इस स्थिति के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि दोनों देश बातचीत के रास्ते पर लौट सकते हैं, लेकिन अब हालात फिर बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं।

CENTCOM का दावा, ईरान ने दागीं कई बैलिस्टिक मिसाइलें
अमेरिकी सेंट्रल कमान (CENTCOM) ने दावा किया है कि ईरान ने अचानक मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। CENTCOM के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से ईरान की धरती से कई बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की गईं।अमेरिकी सेना ने जानकारी देते हुए कहा कि यह हमला क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने का प्रयास था। हालांकि, अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों को समय रहते रोक दिया। CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए तैयार है।

अमेरिकी सेना ने सफल इंटरसेप्शन का किया दावा
CENTCOM के मुताबिक, मिसाइल हमले की घटना शाम करीब 5:45 बजे (ET) हुई। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि उनकी सुरक्षा प्रणालियों ने ईरान की ओर से छोड़ी गई सभी बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, इस हमले को लेकर ईरान की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।इस घटना के बाद क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैन्य बलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अमेरिका लगातार अपने सहयोगी देशों के साथ संपर्क बनाए हुए है और किसी भी स्थिति से निपटने की रणनीति तैयार कर रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट बना विवाद का सबसे बड़ा केंद्र
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव बना हुआ है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होकर गुजरती है।अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान इस समुद्री मार्ग पर सुरक्षा संकट पैदा हो गया था। संघर्ष के कारण कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई और ऊर्जा बाजारों में भी अस्थिरता देखने को मिली। यदि होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बाधित रहता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
फ्रीज किए गए ईरानी फंड को लेकर भी बढ़ा विवाद
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच आर्थिक विवाद भी तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों और कार्गो को हुए नुकसान की भरपाई ईरान के फ्रीज किए गए फंड से की जा सकती है।इस बयान के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई देश या कंपनी इस योजना को लागू करने की कोशिश करती है, तो ईरानी सेना होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले उनके जहाजों को रोक सकती है।
बातचीत की उम्मीदों पर फिर लगा सवालिया निशान
कुछ दिनों पहले तक अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत मिल रहे थे। दोनों देशों की ओर से हमलों में कमी आई थी और कूटनीतिक बातचीत की संभावनाएं बढ़ रही थीं। लेकिन नए मिसाइल हमले के बाद एक बार फिर युद्ध की आशंका गहरा गई है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बढ़ता है, तो इसका असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। अब पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।
Read More : CG EOW Raid: शराब घोटाले में बड़ा एक्शन, अनवर ढेबर के करीबियों के ठिकानों पर छापा











