MCB News : छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में महिलाओं की सुरक्षा और उनसे जुड़े मामलों के प्रभावी एवं त्वरित समाधान को लेकर पृथक महिला थाना स्थापित करने की मांग तेज हो गई है। बुधवार को कांग्रेस की महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह को ज्ञापन सौंपकर जिले में जल्द से जल्द महिला थाना खोले जाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों, घरेलू हिंसा और उत्पीड़न के मामलों को देखते हुए अलग महिला थाना अब जिले की प्रमुख आवश्यकता बन चुका है।

महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को बताया प्राथमिकता
ज्ञापन में कांग्रेस की महिला नेताओं ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण और न्याय दिलाने के लिए अलग महिला थाना बेहद जरूरी है। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्था में महिलाओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए सामान्य पुलिस थानों में जाना पड़ता है, जहां कई बार वे सहज महसूस नहीं करतीं। ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाएं खुलकर अपनी बात नहीं रख पातीं, जिससे शिकायत दर्ज कराने और न्याय मिलने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। महिला नेताओं का मानना है कि अलग महिला थाना बनने से महिलाओं को अधिक संवेदनशील और सुरक्षित माहौल मिलेगा।

जिला बनने के वर्षों बाद भी नहीं बना महिला थाना
महिला कांग्रेस नेताओं ने बताया कि एमसीबी जिला 9 सितंबर 2022 को अस्तित्व में आया था, लेकिन जिला गठन के बाद भी यहां अब तक पृथक महिला थाना स्थापित नहीं किया गया है। उनका कहना है कि लगभग चार वर्ष बीत जाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसका सीधा असर महिलाओं पर पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, पारिवारिक विवाद और अन्य महिला संबंधी मामलों की शिकायत दर्ज कराने के लिए सामान्य थानों का सहारा लेना पड़ता है।
महिला थाना बनने से मिल सकेगा संवेदनशील न्याय
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि जिले में अलग महिला थाना स्थापित किया जाता है, तो महिलाओं से जुड़े मामलों की जांच अधिक संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ की जा सकेगी। महिला पुलिस अधिकारियों के समक्ष पीड़ित महिलाएं बिना किसी झिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगी। इससे न केवल शिकायतों का त्वरित निराकरण संभव होगा, बल्कि महिलाओं का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होगा। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि महिला थाना बनने से अपराधों की रोकथाम और दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई में भी मदद मिलेगी।
पूनम सिंह ने रखी मांग का पक्ष
जिला कांग्रेस महामंत्री पूनम सिंह ने कहा कि एमसीबी जिला बनने के बाद से लगातार महिला थाना स्थापित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज भी महिलाओं को अपनी शिकायत लेकर सामान्य थानों में जाना पड़ता है, जहां कई बार वे असहज महसूस करती हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के माध्यम से राज्य शासन तक यह मांग पहुंचाई गई है, ताकि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द महिला थाना स्थापित किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने दिया सकारात्मक आश्वासन
पूनम सिंह के अनुसार, पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को गंभीरता से सुना और इस पहल की सराहना की। उन्होंने आश्वासन दिया कि महिला थाना स्थापित करने की मांग को शासन और संबंधित प्रशासनिक स्तर तक पहुंचाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल को उम्मीद जताई गई कि इस दिशा में आवश्यक प्रयास किए जाएंगे, ताकि जिले की महिलाओं को भविष्य में बेहतर पुलिस सहायता और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कई महिला नेता रहीं मौजूद
पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस की कई महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहीं। इनमें जिला कांग्रेस महामंत्री पूनम सिंह, पूर्व महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष निर्मला चतुर्वेदी, रूमा चटर्जी, वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री रुक्मणी खोबरागड़े, पूर्व महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शोभना वर्मा, पूर्व पार्षद हमीदा खातून, बबीता यादव सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में मांग की कि एमसीबी जिले में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पृथक महिला थाना शीघ्र स्थापित किया जाए, जिससे महिला संबंधी मामलों का त्वरित, प्रभावी और संवेदनशील तरीके से समाधान सुनिश्चित हो सके।
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