Ajit Doval Honoured : भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पुणे में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें प्रदान किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह के दौरान गृह मंत्री ने अजित डोभाल को पारंपरिक पुणेरी पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया और उनके राष्ट्रहित में दिए गए योगदान की सराहना की।

पुणेरी पगड़ी और स्मृति चिन्ह के साथ किया गया सम्मान
सम्मान समारोह में अमित शाह ने अजित डोभाल को पारंपरिक पुणेरी पगड़ी पहनाई। इसके साथ ही उन्हें एक स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि का चेक और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा लिखित प्रसिद्ध पुस्तक ‘गीता रहस्य’ की प्रति भी भेंट की गई। यह कार्यक्रम स्वतंत्रता सेनानी और महान राष्ट्रवादी नेता लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया।

क्या है लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार?
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक माना जाता है। यह सम्मान हर वर्ष उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण, सार्वजनिक जीवन, सामाजिक सेवा, विज्ञान, प्रशासन, सुरक्षा या अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। पुरस्कार के अंतर्गत स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाती है। इस वर्ष चयन समिति ने राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में उनके विशिष्ट योगदान को देखते हुए अजित डोभाल को इस सम्मान के लिए चुना।
राष्ट्रीय सुरक्षा में निभाई अहम भूमिका
अजित डोभाल को भारत के प्रमुख सुरक्षा रणनीतिकारों में गिना जाता है। लंबे समय से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण अभियानों और रणनीतिक निर्णयों में उनकी भूमिका रही है। उनके कार्यकाल के दौरान भारत की सुरक्षा नीति को मजबूत करने की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने ऑपरेशन ब्लैक थंडर, डोकलाम से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों और बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में रणनीतिक स्तर पर अहम भूमिका निभाई। इन्हीं योगदानों को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया।
आईपीएस से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तक का सफर
अजित डोभाल 1968 बैच के केरल कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी रहे हैं। उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक भारत की खुफिया व्यवस्था में सेवाएं दीं और बाद में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के प्रमुख भी बने। अपने लंबे प्रशासनिक और सुरक्षा करियर के दौरान उन्होंने मिजोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा वे इस्लामाबाद और लंदन स्थित भारतीय मिशनों में भी विभिन्न दायित्वों पर कार्य कर चुके हैं।

देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले एनएसए
81 वर्षीय अजित डोभाल वर्तमान में भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। पिछले एक दशक से अधिक समय में उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद विरोधी रणनीतियों और विदेश नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में सरकार को सलाह दी है। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव के कारण उन्हें देश के प्रमुख सुरक्षा विशेषज्ञों में शामिल किया जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाने में उनके योगदान की व्यापक चर्चा होती रही है।
लोकमान्य तिलक की विरासत को समर्पित है यह सम्मान
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार स्वतंत्रता आंदोलन के महान नेता लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की स्मृति और उनकी राष्ट्रवादी विचारधारा को समर्पित है। इस पुरस्कार का उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है जिन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से राष्ट्रहित, जनसेवा और समाज के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। वर्षों से यह सम्मान विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों को प्रदान किया जाता रहा है और इसे देश के सम्मानित नागरिक पुरस्कारों में विशेष स्थान प्राप्त है।
राष्ट्रहित में योगदान के लिए मिला सम्मान
अजित डोभाल को वर्ष 2026 का यह सम्मान राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत के रणनीतिक हितों की रक्षा में उनके लंबे और महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया है। पुणे में आयोजित इस समारोह ने एक बार फिर देश की सुरक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और अतिथियों ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए इसे राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का सम्मान बताया।
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