CWG 2026 Medal Tally: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है। विभिन्न खेलों में भारतीय एथलीटों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों की झड़ी लगा दी है। खिलाड़ियों के इस शानदार प्रदर्शन से पूरे देश में उत्साह का माहौल है। भारत ने अब तक कुल 38 पदक अपने नाम किए हैं और पदक तालिका में शीर्ष चार देशों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ने दुनिया के सामने देश की खेल प्रतिभा का शानदार परिचय दिया है।

38 पदकों के साथ चौथे स्थान पर भारत
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत अब तक 13 स्वर्ण, 17 रजत और 8 कांस्य पदक जीत चुका है। कुल 38 पदकों के साथ भारतीय दल अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद चौथे स्थान पर बना हुआ है। प्रतियोगिता के कई मुकाबले अभी बाकी हैं, ऐसे में भारत के पास अपने पदकों की संख्या और बढ़ाने का सुनहरा अवसर है। खिलाड़ियों का लगातार अच्छा प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय खेलों का स्तर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी खिलाड़ियों को बधाई
भारतीय खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी खुशी जताई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया के माध्यम से खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और यह भारतीय खेलों की बढ़ती ताकत को दर्शाती है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाजों साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास तथा रजत पदक विजेता जादूमणि सिंह के साथ पैरा एथलेटिक्स में इतिहास रचने वाले सोमन राणा और शुभम जुयाल की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां उनके कठिन परिश्रम, समर्पण और अनुशासित जीवनशैली का परिणाम हैं।
रक्षा मंत्री ने पैरा खिलाड़ियों की सराहना की
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पैरा-शॉटपुट स्पर्धा में भारत की ऐतिहासिक सफलता पर खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सोमन राणा और शुभम जुयाल ने अपने प्रदर्शन से पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनके अनुसार इन खिलाड़ियों की सफलता देश के युवाओं को बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी अपनी इच्छाशक्ति और मेहनत से असंभव को संभव बना रहे हैं।
बॉक्सिंग में भारत का शानदार दबदबा
इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन सबसे अधिक चर्चा में रहा। भारत ने मुक्केबाजी में अब तक 7 स्वर्ण और 2 रजत सहित कुल 9 पदक जीत लिए हैं। महिला मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 में से 5 स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया। स्वर्ण पदक जीतने वालों में प्रीति पंवार, जैस्मिन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पंघल शामिल हैं। वहीं जादूमणि सिंह और लवलीना बोरगोहेन ने रजत पदक जीतकर भारत की झोली भरी। इसके अलावा नरेंदर बेरवाल अभी भी स्वर्ण पदक जीतने की दौड़ में बने हुए हैं।

पैरा एथलेटिक्स और जूडो में भी मिली सफलता
पैरा-शॉटपुट (F57) स्पर्धा में सोमन राणा ने इतिहास रचते हुए भारत को इस वर्ग का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक दिलाया। इसी स्पर्धा में शुभम जुयाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया, जिससे भारत को एक ही प्रतियोगिता में स्वर्ण और रजत दोनों पदक मिले। वहीं जूडो में उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। इन उपलब्धियों ने साबित कर दिया कि भारत अब केवल पारंपरिक खेलों में ही नहीं, बल्कि पैरा स्पर्धाओं और अन्य खेलों में भी लगातार नई सफलताएं हासिल कर रहा है।
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