ED Officers FIR : मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जयपुर कार्यालय में तैनात दो अधिकारियों के खिलाफ कारोबारी से कथित तौर पर 2.25 करोड़ रुपये की उगाही करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। गोरेगांव के बांगर नगर थाने में दर्ज शिकायत की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों के ED अधिकारी होने की पुष्टि होने के बाद एफआईआर दर्ज की गई।
कारोबारी ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए
शिकायतकर्ता अमूल्य वासा विंट्री टेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर हैं। शिकायत के मुताबिक, 20 जुलाई को दोपहर करीब तीन बजे जयपुर ED में असिस्टेंट डायरेक्टर पद पर तैनात मोहित गर्ग और एनफोर्समेंट ऑफिसर देवेंद्र गुप्ता मालाड वेस्ट स्थित केन प्लाजा, माइंडस्पेस में उनके कार्यालय पहुंचे थे। दोनों ने कारोबारी की गतिविधियों के बारे में पूछताछ की।
अपराध की कमाई से जुड़े लेनदेन का आरोप लगाने का दावा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारियों ने उन पर अपराध से अर्जित रकम से जुड़े लेनदेन में शामिल होने का आरोप लगाया। कथित तौर पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की धमकी भी दी गई। वासा के अनुसार, अधिकारियों ने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज पेश नहीं किया। शिकायत में प्रतिष्ठा खराब करने और गिरफ्तारी समेत अन्य कार्रवाई की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
मोबाइल फोन और सिम कार्ड लेने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों में से एक ने दो महंगे मोबाइल फोन और सिम कार्ड तैयार रखने को कहा था। इसके बाद कर्मचारी के नाम पर पंजीकृत एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी कथित तौर पर ले लिया गया। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए इन आरोपों और उनसे जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पहले 5 करोड़ रुपये की मांग का आरोप
पुलिस को दी गई शिकायत में कारोबारी ने आरोप लगाया है कि शुरुआत में उनसे 5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। बाद में कथित तौर पर 2.25 करोड़ रुपये में मामला निपटाने की बात कही गई। उसी शाम वासा और उनके कारोबारी सहयोगी आरोपियों के साथ मालाड के एक रेस्तरां में पहुंचे, जहां रकम को लेकर बातचीत हुई।
अगले दिन दिए गए एक करोड़ रुपये
शिकायत के अनुसार, बातचीत के बाद अगले दिन कारोबारी ने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये आरोपियों को दिए। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी से मामला बंद होने का दावा किया। जब कारोबारी ने मामले के निपटारे से संबंधित दस्तावेजी प्रमाण मांगा, तो कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि फाइल की पुष्टि दिल्ली जाकर ही की जा सकती है।
दिल्ली में दस्तावेज दिखाने का आरोप
25 जुलाई को वासा के दो सहयोगियों की दिल्ली के एक मॉल में आरोपियों से मुलाकात हुई। शिकायत के मुताबिक, इस दौरान उन्हें एक दस्तावेज दिखाया गया, जिसमें मामले के निपटारे का संकेत दिया गया था। इसके बाद कथित तौर पर बकाया 1.25 करोड़ रुपये भी दे दिए गए। इस तरह शिकायतकर्ता के अनुसार कुल रकम 2.25 करोड़ रुपये हो गई।
बाद में और पैसे मांगने का आरोप
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि रकम लेने के बाद दोनों अधिकारियों ने अतिरिक्त भुगतान की मांग शुरू कर दी। कथित तौर पर कहा गया कि वरिष्ठ अधिकारी मिली रकम से संतुष्ट नहीं हैं और उन्हें भी भुगतान किया जाना है। इसके अलावा नियमित मासिक भुगतान की मांग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
दस्तावेज की जांच के बाद कारोबारी को हुआ शक
वासा ने बाद में कथित दस्तावेजों की जांच कराई और परिचितों के माध्यम से उनके बारे में जानकारी जुटाई। शिकायत के अनुसार, जांच के बाद उन्हें संदेह हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है और ED अधिकारी होने का कथित तौर पर इस्तेमाल कर उनसे रकम वसूली गई।
मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही मामले की जांच
पुलिस के अनुसार, शिकायत में मोहित गर्ग और देवेंद्र गुप्ता पर अपने पद तथा ED की शक्तियों का कथित दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। दोनों पर कारोबारी को अपराध की कमाई से जुड़े लेनदेन में शामिल होने का डर दिखाकर धमकाने और कथित तौर पर 2.25 करोड़ रुपये लेने का आरोप है। फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों, दस्तावेजों तथा लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
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