UP Politics : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पीलीभीत में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हालिया जनसभाओं में भाजपा के संजय सिंह गंगवार और समाजवादी पार्टी के हेमराज वर्मा के बीच तीखी बयानबाजी सामने आई है। दोनों नेता एक-दूसरे पर राजनीतिक और व्यक्तिगत स्तर पर आरोप लगाते दिखाई दिए। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, क्षेत्र में दोनों दलों की गतिविधियां भी बढ़ी हैं।
संजय गंगवार ने सपा सरकार पर लगाए आरोप
भाजपा नेता और गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने एक जनसभा में समाजवादी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने अपने संबोधन में अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और आजम खान का जिक्र करते हुए सपा शासनकाल पर कानून-व्यवस्था से जुड़े आरोप लगाए। उन्होंने कांवड़ियों के मुद्दे का भी उल्लेख करते हुए सपा सरकार पर निशाना साधा। ये टिप्पणियां उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा थीं।
हेमराज वर्मा ने मंत्री के बयान पर किया पलटवार
इसके बाद सपा नेता और पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने भी संजय गंगवार के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। वर्मा ने मंत्री की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाते हुए उनके पहनावे और चश्मे को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री जनता के पैसों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, ये आरोप हेमराज वर्मा के राजनीतिक बयान हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि खबर में नहीं की गई है।
संपत्ति को लेकर हेमराज वर्मा ने दी चुनौती
हेमराज वर्मा ने अपने संबोधन में अपनी और अपने परिवार की संपत्ति को लेकर भी चुनौती पेश की। उन्होंने कहा कि विधायक और मंत्री रहने तथा अखिलेश यादव के करीबी होने के बावजूद उनके, उनकी पत्नी, बच्चों, भतीजे या भांजे के नाम 50 लाख रुपये की संपत्ति होने की जानकारी कोई सामने लाए तो वह इसके लिए इनाम देने को तैयार हैं। उनका यह बयान संजय गंगवार के खिलाफ उनके पलटवार का हिस्सा था।
पीलीभीत की राजनीति में दोनों नेताओं की भूमिका
संजय सिंह गंगवार पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं और उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर उनका दल भाजपा दर्ज है। वहीं हेमराज वर्मा 2022 के विधानसभा चुनाव में बरखेड़ा सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार रहे थे। चुनाव आयोग के घोषित परिणामों के अनुसार उस चुनाव में भाजपा के जयद्रथ उर्फ प्रवक्तानंद ने बरखेड़ा सीट जीती थी।
2027 चुनाव से पहले संगठनात्मक गतिविधियां तेज
पीलीभीत में दोनों प्रमुख दलों की संगठनात्मक गतिविधियां भी जारी हैं। सितंबर 2026 में समाजवादी पार्टी ने पीलीभीत में धर्मेश गंगवार को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। इससे पहले अगस्त 2026 में हेमराज वर्मा के सपा में शामिल होने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। इन घटनाओं के बीच स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों में तेजी देखी जा रही है।
जनसभाओं में स्थानीय मुद्दों के साथ आरोप-प्रत्यारोप
पीलीभीत की हालिया राजनीतिक गतिविधियों में जनसभाएं प्रमुख मंच बनी हुई हैं। भाजपा और सपा नेता अपने-अपने संबोधनों में एक-दूसरे की सरकारों और नेताओं के रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इसी दौरान एक भाजपा मंत्री की सभा में एक व्यक्ति द्वारा भाजपा को वोट नहीं देने की बात कहे जाने की घटना भी रिपोर्ट हुई, जिसके बाद स्थानीय राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई।
चुनावी माहौल में बयानबाजी पर सबकी नजर
2027 के विधानसभा चुनाव अभी आगे हैं, इसलिए मौजूदा बयानों को चुनावी अभियान के शुरुआती दौर की राजनीतिक गतिविधियों के रूप में देखा जा रहा है। पीलीभीत में भाजपा और सपा नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ संगठनात्मक तैयारियां भी चल रही हैं। आने वाले समय में स्थानीय मुद्दे, विकास कार्य, कानून-व्यवस्था और दोनों दलों की चुनावी रणनीतियां क्षेत्र की राजनीतिक चर्चा के प्रमुख विषय रह सकती हैं।
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