India Industrial Fair 2026 : रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ नई अर्थव्यवस्था और उभरते उद्योगों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि खनिज, ऊर्जा, वन संपदा, मानव संसाधन और देश के मध्य में स्थित होने का भौगोलिक लाभ राज्य की बड़ी ताकत है। सरकार इन संसाधनों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और निवेशक हितैषी नीतियों से जोड़कर राज्य को प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है।
निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं आसान बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की भूमिका केवल उद्योगों के लिए नियामक की नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए सहयोगी और एक्सीलरेटर की है। निवेश प्रस्ताव आने से लेकर उद्योग स्थापित होने तक प्रत्येक चरण में सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रक्रियागत बाधाओं को कम करके उद्योगों को तेजी से आगे बढ़ने का अवसर देना है।
एमएसएमई को बताया अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला
सीएम साय ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों यानी MSME को अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई का विस्तार होने से स्थानीय उद्यमिता, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने लघु उद्योग भारती के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन देशभर के 750 से अधिक जिलों में उद्यमियों को संगठित कर उद्योग और उद्यमिता को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।
इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में 300 से अधिक उद्यमी
18 से 20 सितंबर तक आयोजित इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में देशभर से 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों की भागीदारी हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्पादों और तकनीकों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि उद्यमियों के बीच संवाद, नवाचार, अनुभव और तकनीकी ज्ञान साझा करने का मंच भी है। इससे नए व्यावसायिक संबंध और निवेश की संभावनाएं विकसित हो सकती हैं।
नई औद्योगिक नीति 2024-30 से निवेश को गति
मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योग जगत और विभिन्न हितधारकों से चर्चा के बाद छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है। इसका उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था एक साथ आगे बढ़ें। नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण और उभरते क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
नवा रायपुर में टेक्नोलॉजी हब विकसित करने की तैयारी
सीएम साय ने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। यहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ तकनीक आधारित कंपनियों और नए उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। राज्य में टेक्नोलॉजी हब और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब विकसित करने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है।
सिंगल विंडो सिस्टम से प्रक्रियाओं को सरल बनाने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों को नीतिगत स्थिरता के साथ सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएं मिलना जरूरी है। इसी उद्देश्य से सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाया जा रहा है। सरकार भूमि, अधोसंरचना और अन्य जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दे रही है, ताकि उद्यमी उत्पादन, नवाचार और रोजगार पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें।
खनिज और वन संपदा को बताया औद्योगिक ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे खनिज संसाधनों से समृद्ध है। इनका राज्य के भीतर अधिक से अधिक मूल्य संवर्धन औद्योगिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का 44 प्रतिशत से अधिक भू-भाग वनाच्छादित है और यहां इमली, महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा सहित अनेक लघु वनोपज उपलब्ध हैं। इनके प्रसंस्करण से स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर जोर
सीएम साय ने ऊर्जा क्षेत्र को राज्य की औद्योगिक क्षमता का मजबूत आधार बताया। उनके अनुसार प्रदेश में लगभग 30 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता है और ऊर्जा क्षेत्र में नए निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हो रहे हैं। सरकार आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। पर्याप्त बिजली, जल संसाधन, मानव संसाधन और भौगोलिक स्थिति उद्योगों के लिए अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध कराती है।
बस्तर पर्यटन से स्थानीय रोजगार बढ़ाने की योजना
मुख्यमंत्री ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जलप्रपात, जंगल और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। होम-स्टे जैसी पहलों के जरिए पर्यटन को स्थानीय परिवारों की आजीविका से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उद्यमियों से औद्योगिक मेले के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन और तीर्थ स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उद्योग विस्तार को बताया अवसर
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर के 14वें संस्करण को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि आयोजन में देशभर से आए उद्यमियों को उत्पाद, तकनीक, नवाचार और अनुभव साझा करने का मंच मिल रहा है। उनके अनुसार उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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