Kerala Floods: केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज वर्षा के कारण कई इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन लगातार राजस्व मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के संपर्क में रहकर हालात की समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया गया है तथा जिला प्रशासन को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों की स्थिति का लिया जायजा
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री ने सबसे अधिक प्रभावित जिलों के विधायकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे बातचीत कर जमीनी हालात की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिए गए हैं।

छह लोगों की मौत, कई अब भी लापता
भारी बारिश से जुड़े हादसों में अब तक छह लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा छह अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए पुलिस, अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन बल और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की मदद से खोज एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रशासन को उम्मीद है कि मौसम में सुधार होने पर राहत अभियान और तेज गति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
राहत शिविरों में हजारों लोगों को मिली सुरक्षित जगह
प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों में 65 राहत शिविर स्थापित किए हैं। इन शिविरों में अब तक 1,465 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि बारिश और बढ़ती है या किसी क्षेत्र में खतरा बढ़ता है, तो अतिरिक्त राहत शिविर भी तुरंत शुरू किए जाएंगे। राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, ताकि विस्थापित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मकानों को भारी नुकसान, नावों की भी ली गई मदद
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 17 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि 127 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। कई क्षेत्रों में सड़कें भी प्रभावित हुई हैं, जिससे आवाजाही में कठिनाई हो रही है। बचाव कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए जरूरत के अनुसार दूसरे जिलों से अतिरिक्त नावें मंगाई गई हैं। जिन इलाकों में दिनभर भारी बारिश हुई थी, वहां शाम तक वर्षा की तीव्रता कुछ कम होने से राहत एवं बचाव कार्यों को गति मिली है।

बांधों पर निगरानी, पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई
राज्य सरकार ने सभी प्रमुख बांधों में जलस्तर और पानी के बहाव पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से पहाड़ी और भूस्खलन संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने के लिए कहा गया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी सूचना के आधार पर ही निर्णय लेने की अपील की है। आपदा प्रबंधन टीमें भी संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार तैनात हैं।
कई इलाकों में रिकॉर्ड बारिश, सरकार ने जारी की अपील
कोझिकोड जिले के अनाक्कम्पोयिल क्षेत्र में पिछले 35 घंटों के दौरान 340 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि वायनाड जिले के मेप्पाडी में 177 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक वर्षा हुई है। सरकार ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे जिला प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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