Sawan Somwar 2026: सावन माह के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में धार्मिक आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शहर के इंडोर स्टेडियम परिसर में श्री शीतलेश्वर महादेव सेवा समिति के तत्वावधान में 251 पार्थिव शिवलिंगों का सामूहिक रुद्राभिषेक आयोजित किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा जनकल्याण की कामना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, शिव स्तुति और “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से किया जलाभिषेक
कार्यक्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने पार्थिव शिवलिंगों का विधि-विधान से पूजन किया। भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर विशेष रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से प्रदेश और देश में सुख, शांति तथा समृद्धि की प्रार्थना भी की।

तीन वर्षों से लगातार हो रहा धार्मिक आयोजन
श्री शीतलेश्वर महादेव सेवा समिति के सदस्य देवेंद्र कर ध्रुवंसी ने बताया कि समिति पिछले तीन वर्षों से लगातार इस सामूहिक धार्मिक आयोजन का सफल संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य केवल पूजा-अर्चना कराना नहीं, बल्कि लोगों को सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जोड़ना भी है। समिति समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर समाज में धार्मिक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करती है।
युवाओं को संस्कृति से जोड़ने का संदेश
देवेंद्र कर ध्रुवंसी ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं से जोड़ना बेहद आवश्यक है। उनका मानना है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति की महत्ता समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने बताया कि समिति भविष्य में भी इसी तरह के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।


महापौर रामू रोहरा ने की आयोजन की सराहना
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धमतरी के महापौर रामू रोहरा शामिल हुए। उन्होंने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और नगरवासियों की खुशहाली की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को सदाचार, संयम तथा सेवा का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना व्यक्ति को जीवन में सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
251 पार्थिव शिवलिंगों का बताया विशेष महत्व
महापौर ने कहा कि वे पिछले वर्ष भी इस आयोजन में शामिल हुए थे और इस बार भी उन्हें श्रद्धालुओं के बीच आने का अवसर मिला। उन्होंने 251 पार्थिव शिवलिंगों के सामूहिक रुद्राभिषेक को आस्था और एकजुटता का प्रतीक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारे और धार्मिक विश्वास को मजबूत करते हैं। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की।
सुमिरन माई ने दिया पूजा-पाठ का संदेश
कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के खैरा स्थित भैरवी धाम से पहुंचीं संत सुमिरन माई ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय निकालकर प्रतिदिन ईश्वर की आराधना अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने पार्थिव शिवलिंग पूजन की महिमा का उल्लेख करते हुए बताया कि धार्मिक ग्रंथों में इसका विशेष महत्व बताया गया है और सावन माह में इसका पूजन अत्यंत फलदायी माना जाता है।

धर्म और संस्कारों से जुड़े रहने की अपील
सुमिरन माई ने विशेष रूप से युवाओं से भारतीय संस्कृति और धार्मिक संस्कारों से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में कार्य, व्यवसाय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ ईश्वर भक्ति के लिए भी समय निकालना आवश्यक है। उनके अनुसार आध्यात्मिक जीवन व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और बेहतर जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करता है।
गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति पर भी रखे विचार
अपने संबोधन में सुमिरन माई ने धमतरी से अपने पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के युवाओं में धार्मिक आयोजनों के प्रति बढ़ती रुचि उत्साहजनक है। उन्होंने सभी लोगों से सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रसार में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। साथ ही गौ संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि इस विषय में समाज की व्यापक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपनी भावनाओं और सुझावों को शासन तक पहुंचाने का भी आग्रह किया, ताकि संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास किए जा सकें।
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