Morning Coffee Benefits: बहुत से लोगों के दिन की शुरुआत एक कप गर्म कॉफी से होती है। अधिकांश लोग इसे ऊर्जा बढ़ाने और ताजगी महसूस करने के लिए पीते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुबह की यह आदत आपके लिवर की सेहत के लिए भी लाभदायक हो सकती है? हाल ही में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में दावा किया कि नियमित रूप से सीमित मात्रा में कॉफी का सेवन लिवर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। उन्होंने बताया कि कई वैज्ञानिक अध्ययनों में कॉफी के सेवन और बेहतर लिवर स्वास्थ्य के बीच सकारात्मक संबंध देखा गया है।

कॉफी को क्यों माना जाता है लिवर के लिए लाभकारी?
डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार, कॉफी उन पेय पदार्थों में शामिल है जिनके बारे में सबसे अधिक शोध किए गए हैं। उनका कहना है कि नियमित रूप से कॉफी पीने वाले लोगों में लिवर से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का जोखिम अपेक्षाकृत कम देखा गया है। कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनॉल्स शरीर में सूजन कम करने और कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ इसे संतुलित मात्रा में सेवन करने की सलाह देते हैं।

लिवर सिरोसिस का खतरा कम करने में मिल सकती है मदद
डॉ. सेठी ने बताया कि कई अध्ययनों के अनुसार नियमित कॉफी पीने वालों में लिवर सिरोसिस का खतरा लगभग 44 प्रतिशत तक कम पाया गया है। लिवर सिरोसिस ऐसी गंभीर स्थिति है, जिसमें लिवर के ऊतकों पर स्थायी निशान पड़ जाते हैं और उसका सामान्य कार्य प्रभावित होने लगता है। यह समस्या लंबे समय तक अत्यधिक शराब के सेवन, क्रोनिक हेपेटाइटिस बी या सी संक्रमण तथा फैटी लिवर जैसी बीमारियों के कारण विकसित हो सकती है। एक बार लिवर सिरोसिस होने के बाद उसका नुकसान पूरी तरह ठीक करना आसान नहीं होता, इसलिए बचाव सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
लिवर एंजाइम को बेहतर बनाए रखने में भूमिका
विशेषज्ञों के अनुसार नियमित कॉफी पीने से ALT (Alanine Aminotransferase) और AST (Aspartate Aminotransferase) जैसे लिवर एंजाइम के स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव देखा गया है। ये एंजाइम लिवर के स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संकेत माने जाते हैं। यदि इनका स्तर सामान्य बना रहे तो यह लिवर के बेहतर कार्य करने का संकेत हो सकता है। हालांकि यह लाभ संतुलित मात्रा में कॉफी पीने से जुड़ा माना जाता है और इसे किसी उपचार का विकल्प नहीं समझना चाहिए।
फैटी लिवर की समस्या में भी हो सकती है सहायक
आज के समय में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। खराब खानपान, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी और मधुमेह जैसी स्थितियां इसके प्रमुख कारण मानी जाती हैं। डॉ. सेठी का कहना है कि उपलब्ध शोधों के अनुसार कॉफी उन पेय पदार्थों में शामिल है जिनके संबंध में फैटी लिवर के जोखिम को कम करने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण मिले हैं। हालांकि केवल कॉफी पीने से फैटी लिवर का इलाज संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली भी उतनी ही जरूरी है।

क्या डिकैफ कॉफी भी देती है समान लाभ?
अक्सर लोगों का मानना होता है कि कॉफी का लाभ केवल उसमें मौजूद कैफीन के कारण मिलता है, लेकिन डॉ. सेठी के अनुसार ऐसा पूरी तरह सही नहीं है। उन्होंने बताया कि रेगुलर और डिकैफ (कैफीन रहित) दोनों प्रकार की कॉफी में लिवर के लिए लाभकारी प्रभाव देखे गए हैं। इसका प्रमुख कारण कॉफी में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल्स और अन्य जैव सक्रिय तत्व माने जाते हैं, जो शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की तरह कार्य करते हैं। कुछ अध्ययनों में डिकैफ कॉफी पीने वालों में भी लिवर एंजाइम के स्तर में सकारात्मक बदलाव दर्ज किए गए हैं।
कॉफी पीते समय किन बातों का रखें ध्यान?
हालांकि कॉफी के कई संभावित स्वास्थ्य लाभ बताए गए हैं, लेकिन इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा कैफीन लेने से नींद की समस्या, घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना और पाचन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। यदि किसी व्यक्ति को पहले से लिवर, हृदय या अन्य गंभीर बीमारी है, तो कॉफी के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना उचित रहेगा। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली के साथ सीमित मात्रा में कॉफी का सेवन लिवर की देखभाल में सहायक हो सकता है, लेकिन इसे किसी चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।











