Ambikapur News : सरगुजा पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मृत व्यक्ति की जमीन बेचने और लाखों रुपये का आर्थिक लाभ लेने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मृतक के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर उसकी फर्जी पहचान बनाई, कूटरचित आधार कार्ड तैयार कराया और उसी के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराकर करीब 30 लाख रुपये में भूमि का सौदा कर दिया। मामले में पुलिस ने चेक, चेकबुक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जबकि मुख्य साजिशकर्ता समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

शिकायत से खुला फर्जीवाड़े का राज
कोतवाली थाना में पार्षद आलोक दुबे की लिखित शिकायत के बाद जांच शुरू हुई। जांच के दौरान सामने आया कि घुटरापारा (मायापुर) स्थित खसरा नंबर 356/2 की 0.065 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेख में मोहरसाय राजवाड़े के नाम दर्ज थी, जिनकी मृत्यु वर्ष 1962 में हो चुकी है।

मृतक की जगह दूसरे व्यक्ति को बनाया ‘मोहरसाय’
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने अमर सिंह नामक व्यक्ति के आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर उसका नाम बदलकर मोहरसाय राजवाड़े दर्शाया। इसी फर्जी आधार कार्ड को पंजीयन कार्यालय में पहचान पत्र के रूप में प्रस्तुत कर 25 सितंबर 2025 को भूमि का पहला विक्रय विलेख निष्पादित कराया गया।
30 लाख में हुई दोबारा बिक्री
जांच में सामने आया कि जमीन का सौदा बंटी पटेल उर्फ वर्षित पटेल ने कराया था। बाद में इसी जमीन को 18 मार्च 2026 को करीब 30 लाख रुपये में मोहम्मद नियाजुल होदा, गुलाम सरवर और विशाल गुप्ता के नाम बेच दिया गया। पुलिस के अनुसार बिक्री से मिली राशि का हिस्सा कुछ आरोपियों को दिया गया, जबकि शेष रकम मुख्य साजिशकर्ता ने अपने पास रखी।
तीन आरोपी गिरफ्तार, अहम साक्ष्य जब्त
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी रामनिवास गुप्ता उर्फ बोखा (41 वर्ष) निवासी नवागढ़ तथा दो महिला आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रजिस्ट्री में उपयोग किया गया चेक, चेकबुक और रियल कंपनी का मोबाइल जब्त किया है।

मुख्य आरोपी समेत अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 541/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 61(2), 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।पुलिस का कहना है कि मामले में मुख्य साजिशकर्ता बंटी पटेल उर्फ वर्षित पटेल सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।पूरे मामले की कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा के नेतृत्व में की गई। टीम में उप निरीक्षक के.के. यादव, प्रधान आरक्षक छात्रपाल सिंह, महिला आरक्षक सरस्वती पाण्डेय, आरक्षक आनंद गुप्ता एवं लालबाबू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Read More : Surajpur Atmanand School : सूरजपुर आत्मानंद स्कूल में फीस वसूली आरोप, डीईओ ने जांच के दिए आदेश











