Jamui Case : बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की और उसके साथ मौजूद किशोर से कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर एक नया दावा सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गोली मारकर घायल कर दिया। हालांकि, उपलब्ध ताजा आधिकारिक और विश्वसनीय रिपोर्टों में नंदन यादव के एनकाउंटर की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
रोकने पर नहीं रुका आरोपी, फायरिंग का दावा
सामने आई जानकारी के अनुसार पुलिस ने कथित तौर पर नंदन यादव को रोकने का प्रयास किया था। दावा है कि वह पुलिस के रुकने के निर्देश के बावजूद नहीं रुका, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने फायरिंग की। बताया जा रहा है कि पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और वह घायल हो गया। हालांकि, फायरिंग की परिस्थितियों, पुलिस कार्रवाई और आरोपी के पास हथियार होने या नहीं होने से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
तीन गोलियां लगने की बात सामने आई
दावे के मुताबिक नंदन यादव को पुलिस की फायरिंग में तीन गोलियां लगी हैं। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। बताया जा रहा है कि उसकी स्थिति पर डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट या ऑपरेशन का विस्तृत विवरण सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
एसपी के नेतृत्व में ऑपरेशन का दावा
बताया जा रहा है कि पुलिस की इस कार्रवाई का नेतृत्व खुद जमुई के पुलिस अधीक्षक ने किया। कथित ऑपरेशन के दौरान नंदन यादव के साथ उसका साथी हरेराम यादव भी मौजूद था। पुलिस ने हरेराम को भी हिरासत में ले लिया है। हालांकि, दोनों की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई से संबंधित आधिकारिक विवरण सार्वजनिक होना अभी बाकी है।
जमुई मामले में पहले ही तीन गिरफ्तार
जमुई की घटना को लेकर पुलिस पहले ही तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की थी और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है। पुलिस के अनुसार वीडियो के जरिए करीब सात आरोपियों की पहचान की गई थी और बाकी संदिग्धों की तलाश के लिए छापेमारी जारी थी।
वायरल वीडियो से सामने आया था मामला
यह पूरा मामला तब सामने आया जब नाबालिग लड़की और उसके साथ मौजूद किशोर के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस के अनुसार दोनों दसवीं कक्षा के छात्र हैं और घटना 19 सितंबर की शाम की बताई गई है। दोनों एक पहाड़ी पर्यटन स्थल से लौट रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें कथित तौर पर रोका और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
पुलिस ने वीडियो के आधार पर शुरू की जांच
जमुई पुलिस ने वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामले की जांच तेज की। पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने का प्रयास किया और वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से पीड़ितों तक पहुंचने की जानकारी दी। मामले में POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
नाबालिग की पहचान उजागर करने पर भी कार्रवाई
पुलिस ने वायरल वीडियो को साझा करने और नाबालिग की पहचान उजागर करने के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। जमुई साइबर पुलिस थाने में करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला वीडियो आगे साझा न करें।
एनकाउंटर के दावे पर आधिकारिक पुष्टि बाकी
फिलहाल नंदन यादव को गोली लगने और हरेराम यादव की गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। उपलब्ध रिपोर्टों में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य संदिग्धों की तलाश की पुष्टि हुई है। इसलिए एनकाउंटर से जुड़े दावों को पुलिस के आधिकारिक बयान, मेडिकल रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष के बाद ही अंतिम तथ्य माना जा सकेगा।
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