Surajpur Atmanand School : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। जयनगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में स्कूली छात्रों से कथित रूप से अवैध राशि वसूलने का आरोप लगा है। छात्रों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने विद्यालय का पंखा टूटने और स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाकर उनसे जबरन एक-एक हजार रुपये जमा करवाए। इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

छात्रों ने लगाया डराकर पैसे लेने का आरोप
पीड़ित छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से उन्हें दबाव में रखा गया। छात्रों के अनुसार, उनसे कहा गया कि यदि तय राशि जमा नहीं की गई तो उनकी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) काट दी जाएगी और उन्हें स्कूल से बाहर कर दिया जाएगा। डर और भविष्य की चिंता के कारण कई छात्रों ने अपने परिजनों से पैसे लेकर स्कूल में जमा किए।छात्रों का दावा है कि बिना किसी निष्पक्ष जांच के ही उन पर नुकसान की जिम्मेदारी डाल दी गई और उनसे रकम वसूली गई। मामले में आधा दर्जन से अधिक छात्रों से पैसे लिए जाने की बात सामने आ रही है।

पंखा टूटने के मामले में छात्रों पर लगाया गया आरोप
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में एक पंखा टूटने और स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचने की घटना के बाद छात्रों से पैसे मांगे गए। छात्रों का कहना है कि उन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया, जबकि पूरे मामले की कोई स्पष्ट जांच नहीं की गई थी।छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने वास्तविक दोषी का पता लगाने के बजाय सभी प्रभावित छात्रों पर आर्थिक दबाव बनाया। उनका कहना है कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह की वसूली से उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
परिजनों से पैसे लेकर जमा करने को मजबूर हुए छात्र
छात्रों ने बताया कि स्कूल से निकाले जाने और टीसी काटे जाने के डर से उन्होंने अपने माता-पिता से पैसे मांगे और स्कूल में जमा किए। कई छात्रों और अभिभावकों ने इस पूरे घटनाक्रम को अनुचित बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है, लेकिन किसी भी छात्र से बिना जांच और नियमों के पैसे लेना गलत है। उन्होंने शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जिला शिक्षा विभाग ने मामले को लिया गंभीरता से
मामला सामने आने के बाद सूरजपुर जिला शिक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) लता बेक ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र से इस तरह पैसे लेना नियमों के खिलाफ है।उन्होंने कहा कि मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी। विभाग यह पता लगाएगा कि छात्रों से राशि किस आधार पर ली गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।फिलहाल जांच पूरी होने का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोप कितने सही हैं और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, कार्रवाई का इंतजार
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय जैसे सरकारी मॉडल स्कूलों में बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है। ऐसे में छात्रों से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आना चिंता का विषय बन गया है।अब सभी की नजरें शिक्षा विभाग की जांच पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
Read More : CGPSC Paper Leak Case: जीवन किशोर ध्रुव को हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज











