Karnal Encounter: हरियाणा के करनाल में चर्चित बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के बाद पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। हत्या की वारदात के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने मुठभेड़ में मामले के दो संदिग्ध आरोपियों को मार गिराने का दावा किया है। यह कार्रवाई पश्चिमी यमुना नहर बाईपास के पास हुई, जहां पुलिस और संदिग्धों के बीच कथित तौर पर गोलीबारी हुई। इस कार्रवाई को लेकर पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहले फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।

मारे गए संदिग्धों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए दोनों संदिग्धों की पहचान कैथल निवासी हर्ष और करनाल जिले के बुटाना गांव निवासी बीरबल के रूप में हुई है। दोनों पर बीरू वाल्मीकि की हत्या में शामिल होने का आरोप था। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों पर इनाम भी घोषित किया गया था और उनकी तलाश लगातार की जा रही थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

दिनदहाड़े हुई थी बीरू वाल्मीकि की हत्या
बुधवार शाम करनाल-हांसी रोड पर बीरू वाल्मीकि स्कूटी से जा रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार कुछ हमलावर उनके पास पहुंचे और कथित तौर पर उनके सिर में गोली मार दी। गोली लगने से बीरू वाल्मीकि की मौके पर ही मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी थी।
परिजनों और समाज ने की थी सख्त कार्रवाई की मांग
हत्या की घटना के बाद बीरू वाल्मीकि के परिजनों और स्थानीय वाल्मीकि समाज के लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कदम उठाए जाएं ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात कर मामले में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया था और जल्द आरोपियों तक पहुंचने का आश्वासन दिया था।
गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने की नाकेबंदी
पुलिस को देर रात सूचना मिली कि हत्या के मामले में शामिल दो संदिग्ध पश्चिमी यमुना नहर बाईपास की ओर से निकल सकते हैं। जानकारी मिलते ही करनाल सीआईए और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में नाकेबंदी कर दी। संदिग्धों की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई गई। पुलिस ने संभावित रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी ताकि आरोपी फरार न हो सकें।

रोकने की कोशिश पर हुई कथित फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, जब संदिग्ध बाइक सवारों को रुकने का संकेत दिया गया तो उन्होंने कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि इस हमले में जवान बाल-बाल बच गए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से हुई गोलीबारी के दौरान दोनों संदिग्ध गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
घटना की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल को कब्जे में लेकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। हथियारों, कारतूसों और अन्य संभावित सबूतों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच होगी और आवश्यक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। साथ ही बीरू वाल्मीकि हत्याकांड से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों या सहयोगियों की भूमिका की भी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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