Jharkhand Protest : झारखंड में सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन के 14वें दिन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल ले जाने से पहले देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल इलाज कराने और अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि स्वास्थ्य स्थिति और बिगड़ती है तो उनकी जान को खतरा हो सकता है।

सरकार से बातचीत की मांग, प्रतिनिधिमंडल का इंतजार
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्रों की ओर से सरकार के साथ बातचीत के लिए सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के नाम पहले ही सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है। उनका कहना है कि छात्रों और सरकार के बीच संवाद काफी पहले शुरू हो जाना चाहिए था। इस मामले को इतना लंबा खींचने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि प्रदर्शन कर रहे छात्र खुद को परीक्षा प्रक्रिया से प्रभावित बता रहे हैं और उनकी मांगें उचित हैं।

जांच रिपोर्ट से भी उठे सवालों की पुष्टि का दावा
छात्र नेता ने आरोप लगाया कि अब तक हुई जांच प्रक्रियाओं से भी छात्रों की चिंताओं को बल मिला है। इसके बावजूद सरकार की ओर से जिस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई है, वह छात्रों के प्रति संवेदनशील नहीं दिखाई देती। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और जल्द समाधान निकालने की जरूरत है।
14वें दिन भी जारी रहा छात्रों का विरोध प्रदर्शन
झारखंड में नौकरी से जुड़ी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन में पहुंच गया। इस दौरान छह प्रदर्शनकारी अब भी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। आंदोलनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विधानसभा मार्च की तैयारी में छात्र संगठन
विरोध प्रदर्शन के बीच दो छात्र संगठनों ने राज्य विधानसभा तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। झारखंड विधानसभा का सत्र फिलहाल जारी है, ऐसे में छात्रों का यह मार्च सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने की कोशिश माना जा रहा है। छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार से समाधान के लिए बनाया गया 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
आंदोलन कर रहे छात्रों और नौकरी के उम्मीदवारों ने सरकार के साथ बातचीत कर समाधान निकालने के लिए 11 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल तैयार किया है। छात्रों की मांग है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों से बातचीत करे और परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराए।
छात्रों ने लगाया संवेदनहीन रवैये का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। उनका कहना है कि लंबे समय से आंदोलन चलने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई है। छात्रों का दावा है कि परीक्षा संबंधी शिकायतों को लेकर कई अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, इसलिए सरकार को जल्द कदम उठाना चाहिए।
आंदोलन खत्म करने के लिए बातचीत पर जोर
छात्र नेताओं का कहना है कि वे टकराव नहीं चाहते, बल्कि बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान चाहते हैं। उनका मानना है कि यदि सरकार प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करती है तो विवाद को जल्द खत्म किया जा सकता है। फिलहाल छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।











