Gwalior Crime: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 19 वर्षीय युवती के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। युवती ने दो युवकों पर जबरन ऑटो में बैठाने और नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश करने के बाद दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, घटना 4 अगस्त की सुबह हुई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

लिफ्ट देने के बहाने युवती को ऑटो में बैठाया
पीड़िता के मुताबिक, वह 4 अगस्त को सुबह करीब 10:30 बजे महाराज बाड़े जाने के लिए घर से निकली थी। जब वह विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अल्कापुरी चौराहे के पास पहुंची, तभी छोटू खान नाम का युवक ऑटो लेकर वहां आया। उसने युवती को ऑटो में बैठने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। आरोप है कि इसके बाद युवक ने उसे धमकी दी और ऑटो में बैठे दूसरे आरोपी नरेश कुशवाह ने उसका हाथ पकड़कर जबरन वाहन में बैठा लिया।

जबरन पानी पिलाने का लगाया आरोप
युवती ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि ऑटो में बैठाने के बाद दोनों युवकों ने उसके साथ अभद्रता की। इसके बाद उसे जबरन एक बोतल से पानी पिलाया गया। युवती का कहना है कि पानी में संभवतः नींद या नशीली दवा मिलाई गई थी। पानी पीने के कुछ समय बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया, ऐसा पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है।
होश आने पर झाड़ियों में मिली युवती
पीड़िता के अनुसार, उसे करीब शाम 4 बजे होश आया। उस समय वह बेला की बावड़ी इलाके में झाड़ियों के बीच पड़ी थी। युवती ने बताया कि उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे और कुछ कपड़े पास में पड़े थे। उसने खुद को संभालने के बाद कपड़े पहने और वहां मौजूद एक महिला से इलाके के बारे में जानकारी ली। महिला ने उसे बेला की बावड़ी क्षेत्र में होने की जानकारी दी।
स्थानीय लोगों से मदद लेकर परिवार को दी सूचना
घटना के बाद युवती ने आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी और किसी तरह अपने परिजनों से संपर्क किया। इसके बाद परिवार ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पीड़िता के आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब घटनास्थल, आरोपियों के संभावित ठिकानों और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

शिकायत दर्ज कराने के लिए तीन थानों के चक्कर
पीड़िता और उसके परिजनों को शिकायत दर्ज कराने के लिए तीन थानों तक जाना पड़ा। सबसे पहले वे गिरवाई थाने पहुंचे, जहां महिला अधिकारी के मौजूद नहीं होने की बात कहकर उन्हें दूसरे थाने जाने के लिए कहा गया। इसके बाद परिवार युवती को माधौगंज थाने लेकर पहुंचा। वहां महिला अधिकारी की मौजूदगी में उसकी शिकायत सुनी गई और शून्य यानी Zero FIR दर्ज की गई।
केस डायरी विश्वविद्यालय थाने भेजी गई
पुलिस के मुताबिक, घटना की शुरुआत विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अल्कापुरी चौराहे से हुई थी। इसी वजह से Zero FIR के बाद केस डायरी संबंधित विश्वविद्यालय थाने भेजी गई। केस डायरी प्राप्त होने के बाद शनिवार को विश्वविद्यालय पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। अब मामले की आगे की जांच विश्वविद्यालय थाना पुलिस कर रही है।
आरोपियों की तलाश में पुलिस ने बनाई टीमें
विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रविंद्र कुमार जाटव ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और आरोपियों से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच के दौरान सामने आएंगे घटना से जुड़े तथ्य
पुलिस अब युवती के बयान, घटनास्थल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और उनकी तलाश जारी है।
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