Vande Mataram Row: ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस ने पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के छह में से केवल दो स्टैंजा गाने का फैसला किया है। हालांकि, जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह स्टैंजा गाए जाने की बात सामने आई है। इस फैसले के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर सवाल खड़े किए हैं और राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
गोवा में कांग्रेस कार्यक्रम के दौरान दो स्टैंजा का गायन
गोवा में आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो स्टैंजा गाए गए। इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद थे। बीजेपी ने इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी राष्ट्रगीत का कथित तौर पर अपमान कर रही है। हालांकि कांग्रेस की ओर से इसे पार्टी के कार्यक्रमों में तय प्रारूप के तहत गायन बताया जा रहा है।
बीजेपी ने कांग्रेस से मांगी सार्वजनिक माफी
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस राजनीतिक दल ने स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भूमिका का दावा किया है, उसके मौजूदा नेतृत्व द्वारा ‘वंदे मातरम्’ का कथित तिरस्कार गंभीर विषय है। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस से इस मामले में माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि राष्ट्रगीत के गायन को लेकर किसी तरह का औचित्य स्वीकार नहीं किया जा सकता।
स्वतंत्रता दिवस पर भी उठे थे सवाल
इस विवाद की पृष्ठभूमि में 15 अगस्त को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में हुआ कार्यक्रम भी है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। बीजेपी का आरोप था कि कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से ऐसे इशारे किए गए, जिनसे राष्ट्रगीत के गायन को लेकर सवाल खड़े हुए। इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी काफी तेज हो गई थी।
अमित शाह के बयान पर खरगे का पलटवार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मामले को लेकर कांग्रेस और सोनिया गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की थी। इसके जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर पलटवार किया। खरगे ने कहा कि उन्हें बीजेपी से देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए अमित शाह पर तंज भी कसा और कहा कि कांग्रेस को देशभक्ति की सीख देने से पहले बीजेपी को अपने इतिहास पर विचार करना चाहिए।
बंकिम चंद्र चटर्जी के वंशज ने जताई नाराजगी
‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखकर 15 अगस्त के कार्यक्रम में कथित घटनाक्रम पर दुख जताया। पत्र में उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन के दौरान कथित रुकावटों की खबर से उन्हें काफी पीड़ा हुई। उन्होंने इसे ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील विषय बताया।
पूरे संस्करण को लेकर फिर गरमाई बहस
‘वंदे मातरम्’ के छह स्टैंजा में से कितने हिस्से का सार्वजनिक कार्यक्रमों में गायन किया जाना चाहिए, इसे लेकर अब राजनीतिक बहस केंद्र में आ गई है। कांग्रेस के कार्यक्रमों में दो स्टैंजा और कांग्रेस शासित राज्यों में छह स्टैंजा गाने की नीति सामने आने के बाद बीजेपी इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ रही है। वहीं कांग्रेस इसे कार्यक्रम की व्यवस्था और राजनीतिक संदर्भ के रूप में देख रही है।
लाल किले पर पहली बार बजा पूरा संस्करण
इसी बीच स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दिल्ली के लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण बजाया गया। यह आधिकारिक राष्ट्रीय समारोह में एक महत्वपूर्ण अवसर माना गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत से हुई और इसके बाद राष्ट्रगान हुआ। दोनों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। ऐसे समय में कांग्रेस और बीजेपी के बीच ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बढ़ा विवाद राष्ट्रगीत के राजनीतिक और ऐतिहासिक महत्व को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।
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